चीन ने एक बार फिर जैश प्रमुख मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित
होने से बचा लिया. चीन यूएन में इस प्रस्ताव के विरोध में अपने वीटो पावर
का इस्तेमाल कर ऐसा किया.
प्रस्ताव के पक्ष में यूके, यूएस,
फ्रांस और जर्मनी थे. सुरक्षा परिषद में चौथी बार चीन ने वीटो का इस्तेमाल
किया है. मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर रोक लगाने
के लिए चीन के पास आज रात 12.30 बजे तक का समय था.
पुलवामा हमले के
बाद भारत ने विश्व समुदाय से मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने
की मांग की थी. भारत के अनुरोध के बाद ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद
में इस प्रस्ताव को रखा गया था.
यूएनएससी की ओर से जारी एक प्रेस
विज्ञप्ति में कहा गया था कि सुरक्षा परिषद के सदस्य 14 फरवरी 2019 को
जम्मू-कश्मीर में जघन्य और कायराना तरीके से हुए आत्मघाती हमले की कड़ी
निंदा करते हैं, जिसमें भारत के अर्धसैनिक बल के 40 जवान शहीद हो गए थे और
इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. बयान में आतंकवाद को
अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरों में से एक बताया गया
था.