मुख्यमंत्री सरहद पर तनाव के मद्देनजऱ स्थिति का जायज़ा लेने के लिए नाजुक जि़लों के सरहदी इलाकों का दौरा करेंगे
जलंधर
– पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सरहद पर स्थिति के
मद्देनजऱ फैलाई जा रही अफ़वाहों से सरहदी इलाकों के लोगों को सावधान रहने
की अपील की है। उन्होंने इस सम्बन्ध में आज शाम सेना, सीमा सुरक्षा बल
(बी.एस.एफ) और आई.टी.बी.पी और पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ
मीटिंग के दौरान जायज़ा लिया। मुख्यमंत्री को वायु पाबंधियों के बाद खराक
मौसम के कारण चंडीगढ़ से रवाना होने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि स्थिति
पूरी तरह नियंत्रण में है और सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ पुलिस और जि़ला
प्रशासन अफ़वाहों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह सक्रियता में लगे हुए
हैं।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बताया कि वह अगले दो दिनों के दौरान अमृतसर,
तरन तारन, पठानकोट, फरीदकोट और फिऱोज़पुर जिलों के सरहदी इलाकों में लोगों
में विश्वास पैदा करने के लिए जाएंगे। उन्होंने पुलवामा में सी.आर.पी.एफ के
काफि़ले पर हमले के बाद भारतीय वायु सेना की तरफ से सरहद पार करके
आतंकवादियों की ठिकानों पर किये गये हमले के संदर्भ में पैदा हुई स्थिति
संबंधी लोगों को अवगत करवाने के लिए पुलिस और सुरक्षा फोर्स को कहा
है।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्थिति से निपटने के लिए सेना को राज्य की तरफ
से हर मदद देने की पेशकश की जिससे भारत -पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव के
मद्देनजऱ सरहदी क्षेत्रों की सुरक्षा और स्थिरता को यकीनी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि सरहद पर पैदा हुए तनाव के पृष्टभूमि में किसी भी स्थिति के
साथ निपटने के लिए राज्य पूरी तरह तैयार है।सभी नाजुक स्थानों पर सुरक्षा
के लिए उठाये गए कदमों संबंधी अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी।
उन्होंने इस क्षेत्र में आर्मी बेस और हवाई ठिकानों समेत सभी नाजुक
स्थापतियों संबंधी बताया। मौजूदा स्थितियों के कारण पैदा होने वाली किसी भी
स्थिति से निपटने के लिए सिविल अस्पतालों को तैयार करने के लिए उचित कदम
उठाए गए हैं।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बाद में बताया कि सेना और अर्धसैनिक
बलों ने राज्य के लोगों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए उचित कदम उठाए
हैं। मीटिंग में उपस्थित दूसरों में मेजर जनरल आर.के.सिंह, बी.एस.एफ के
डी.आई.जी सुनील मोहन, सकुवैडन नेता राहुल नायक और कमांडैंट आई.टी.बी.पी अचल
शर्मा शामिल थे।चंडीगढ़ से रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने स्थिति का
जायज़ा लेने के लिए पुलिस और सिविल प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ
मीटिंग की और राज्य में अमन कानून को बनाई रखने संबंधी कदमों के बारे विचार
किया।