भारत ने बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय यानि ICJ में कुलभूषण जाधव
मामले में दूसरे दौर की जिरह में अपना पक्ष रखा. भारत का पक्ष रखते हुए
वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने पाकिस्तान द्वारा उठाए गए सवालों को बेबुनियाद
बताया है. उन्होंने कहा कि सुनवाई को पटरी से उतारने के पाकिस्तान द्वारा
किए गए तीन प्रयास विफल रहे हैं.
भारत ने कुलभूषण जाधव मामले में
पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई. साल्वे
ने कहा कि मौखिक सुनवाई से पहले पाकिस्तान ने 18 फरवरी को जाधव के कथित
कबूलनामे का वीडियो बनाने का प्रयास किया लेकिन कोर्ट ने वीडियो को रिकॉर्ड
में लेने से मना कर दिया. भारत ने कई बार जाधव को दोषी ठहराने वाले फैसले
की प्रति और आरोपों के बारे में पूछा लेकिन उसे नहीं दिया गया. साल्वे ने
कहा कि इन दस्तावेजों को साझा करने पर पाकिस्तान की सुरक्षा को कोई खतरा
नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कुलभूषण तक राजनयिक पहुंच की मांग नहीं मानी
गई.
साल्वे ने कहा कि भारत का मानना है कि पाकिस्तान ने वियना संधि
का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जाधव के खिलाफ सबूत पेश
करने में नाकाम रहा है. उन्होंने आतंकवाद का मुद्दा उठाया और कहा कि
पाकिस्तान ने मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.
उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम देश पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ
कार्रवाई के लिए कह रहे हैं. उन्होंने पुलवामा हमले का जिक्र किया और कहा
कि इसमें भी पाकिस्तान का हाथ है.