भारतीय संविधान की प्रतियां जलाने वालों को उंगलियाँ उठाने का कोई हक नहीं
चंडीगढ़
– सीनियर कांग्रेसी नेता और पंजाब के सहकारिता और जेल मंत्री सुखजिन्दर
सिंह रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के स्थानीय निकाय
मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर देशद्रोह का पर्चा दर्ज करने की माँग पर सख़्त
प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि कांग्रेस को अकालियों से देशभक्ति का
सर्टीफिकेट लेने की ज़रूरत नहीं। उन्होंने इससे भी आगे जाते हुए कहा कि जिन
लोगों ने भारतीय संविधान की सरेआम प्रतियां जलाई हों, वे लोग आज राष्ट्र
भक्ति का प्रदर्शन करके क्या साबित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि
कांग्रेस देश की आज़ादी से पहले अस्तित्व में आई थी और आज़ादी की लड़ाई के
समय एक मात्र ऐसी पार्टी थी, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में सबसे बड़ा
योगदान दिया।रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल पर पंजाब में
आतंकवाद के दिनों के दौरान आतंकवादियों के भोगों पर जाने की बुज़दिल और
कायराना कार्यवाहियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज उनको राष्ट्ररभक्ति कैसे
याद आ गई? उन्होंने कहा कि अकाली दल के इस नेता के दोहरे मापदंडों के कारण
पंजाब को लंबे समय तक कष्ट झेलना पड़ा। अकाली नेताओं को बहबल कलाँ और
कोटकपूरा गोली कांड में सबसे बड़ा दोशी करार देते हुए कैबिनेट मंत्री ने
कहा कि अकेले आई जी परमराज सिंह उमरानंगल की गिरफ्तारी सिख संगतों के दुखी
दिलों को राहत पहुंचाने के लिए काफ़ी नहीं, उन लोगों पर कार्यवाही भी
ज़रूरी है, जिनके इशारों पर आई जी उमरानंगल ने गोली चलाने के हुक्म दिए थे।
तत्कालीन मुख्यमंत्री (प्रकाश सिंह बादल) और तत्कालीन गृह मंत्री (सुखबीर
सिंह बादल) के विरुद्ध 302 का केस दर्ज होना चाहिए।अकाली दल और इसके नेताओं
को 20 साल पहले आतंकवादी मसूद की सुरक्षित रिहाई करने वाली उस समय की
भाजपा के नेतृत्व वाली अपनी सहयोगी सरकार को भी ‘देशद्रोही’ का सर्टीफिकेट
देने की माँग करते हुए सीनियर कांग्रेसी नेता रंधावा ने कहा कि अकाली दल और
भारतीय जनता पार्टी का एक मात्र ऐजंडा लोगों को सांप्रदायिक भावनाओं में
रंग कर एक दूसरे के खि़लाफ़ लड़ाना है और देश और राज्य की एकता और अखंडता
उनके किसी भी एजंडे पर नहीं।