प्रधानमंत्री ने दिल्ली से वाराणसी से बीच चलने वाली देश की
पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये ट्रेन पूरी
तरह से भारत में बनी है और ये अपना सफ़र आठ घंटे में पूरा करेगी.
चेन्नई
की रेल कोच फैक्ट्री में बनी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन देश की अब तक सबसे
तेज चलने वाली रेलगाड़ी है. प्रधानमंत्री ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना
किया, तो रेलवे की उपलब्धियों में एक और अध्याय जुड़ गया. प्रधानमंत्री ने
पूरी तरह से भारत में बनी इस ट्रेन से जुड़े सभी इंजीनियरों, डिजाइनरों को
बधाई दी और कहा कि रेलवे क्षेत्र में पिछले 4 सालों में काफी बदलाव हुए
हैं. देश भर में विद्युतीकरण से लेकर किसी भी प्रोजेक्ट की मंज़ूरी 6 माह
के अंदर मिलना रेल की गति बढ़ा रहा है.
इस ट्रेन में दोनों तरफ
ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे, स्लाइडिंग सीढ़ियां और सभी कोच में वाई-फाई,
इंफोटेनमेंट की सुविधा, GPS बेस्ड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम लगे हुए हैं.
मेट्रो ट्रेन की तरह वंदे भारत एक्सप्रेस में दोनों तरफ ड्राइविंग केबिन भी
बना हुआ है. प्रधानमंत्री ने ट्रेन का निरीक्षण किया. ये ट्रेन 100 करोड़
की लागत से तैयार हुई है. ये ट्रेन सोमवार और गुरुवार को छोड़ सप्ताह के
पांचों दिन चलेगी. इसका ठहराव कानपुर और इलाहाबाद में होगा और आठ घंटे में
ये वाराणसी तक का सफ़र तय करेगी. 6 बजे नई दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना
होगी और दोपहर 2 बजे वाराणसी से नई दिल्ली के लिए रवाना होगी. भारतीय रेलवे
ऐसी 6 और ट्रेनों का सेट बना रहा है, जिसे देश के अन्य रेलमार्गों पर
चलाया जाएगा.