अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों (आईएफआरएस) के तहत
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का मुनाफा 36.6 करोड़ डॉलर और राजस्व 220
करोड़ डॉलर दर्ज किया गया।
बेंगलुरू-वित्त वर्ष 2018-19 की
तीसरी तिमाही में वैश्विक सॉफ्टवेयर दिग्गज विप्रो के मुनाफे में 29.6
फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। यह 2,544 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले
की समान अवधि में कंपनी ने 1,936 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
बॉम्बे
स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में दाखिल नियामकीय फाइलिंग में आईटी कंपनी ने कहा
कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय में साल-दर-साल आधार पर 10.2 फीसदी
की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कि 15,060 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वित्त
वर्ष की समान अवधि में यह 13,669 करोड़ रुपये थी।
क्रमिक आधार पर
इसकी पिछली तिमाही की तुलना में समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी के मुनाफे में
34.9 फीसदी की और राजस्व में 3.6 फीसदी की वृद्धि हुई, जो चालू वित्त वर्ष
की दूसरी तिमाही में क्रमश: 1,886 करोड़ रुपये और 14,540 करोड़ रुपये था।
कंपनी
के निदेशक मंडल ने 1:3 (तीन शेयर के बदले के एक बोनस शेयर देने) के अनुपात
में बोनस शेयर देने और दो रुपये के सममूल्य पर प्रति शेयर एक रुपये या 50
फीसदी बोनस देने की सिफारिश की है।
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों (आईएफआरएस) के तहत समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का मुनाफा 36.6 करोड़ डॉलर और राजस्व 220 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया।
बेंगलुरू-वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही में वैश्विक सॉफ्टवेयर दिग्गज विप्रो के मुनाफे में 29.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। यह 2,544 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 1,936 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में दाखिल नियामकीय फाइलिंग में आईटी कंपनी ने कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय में साल-दर-साल आधार पर 10.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कि 15,060 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 13,669 करोड़ रुपये थी।
क्रमिक आधार पर इसकी पिछली तिमाही की तुलना में समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 34.9 फीसदी की और राजस्व में 3.6 फीसदी की वृद्धि हुई, जो चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में क्रमश: 1,886 करोड़ रुपये और 14,540 करोड़ रुपये था।
कंपनी के निदेशक मंडल ने 1:3 (तीन शेयर के बदले के एक बोनस शेयर देने) के अनुपात में बोनस शेयर देने और दो रुपये के सममूल्य पर प्रति शेयर एक रुपये या 50 फीसदी बोनस देने की सिफारिश की है।