नई दिल्ली- एतिहाद की तरफ से निवेश की पेशकश किए जाने की खबरों के बीच
जेट एयरवेज ने कहा है कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) समेत अन्य कर्जदाता और
हितधारक विमानन कंपनी के कायापलट के लिए समग्र योजना पर काम कर रहे हैं।
गंभीर नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज 31 दिसंबर 2018 को एसबीआई के
नेतृत्व वाले बैंकों के समूह के कर्ज भुगतान में डिफॉल्ट कर चुकी है।बयान
जारी कर कंपनी ने कहा कि स्थिति सुधारने के लिए बनाई जा रही योजना में
कंपनी के बोर्ड में बदलाव के साथ ही अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा
है। जेट एयरवेज ने कहा, ‘अन्य हितधारकों और बैंकों के समूह में शामिल दूसरे
बैंकों के साथ एसबीआई संपर्क में है और समाधान की योजना पर विचार किया जा
रहा है ताकि कंपनी की वित्तीय हालत की स्थिति को सुधारते हुए उसे ग्रोथ के
रास्ते पर लाया जा सके।’कंपनी ने कहा कि समाधान की योजना पर फिलहाल विचार
किया जा रहा है और अभी कई अन्य मामले हैं, जिन पर फैसला लिया जाना बाकी है।
गौरतलब है कि इससे पहले अबू-धाबी की विमानन कंपनी एतिहाद की तरफ से जेट को
मदद दिए जाने की खबर सामने आई थी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने टीवी रिपोर्ट्स
का हवाला देते हुए बताया है कि एतिहाद ने प्रति शेयर 150 रुपये की कीमत पर
जेट में निवेश की पेशकश की है। इसके अलावा कुछ निश्चित शर्तों को पूरा किए
जाने की स्थिति में तत्काल 3.5 करोड़ डॉलर की राशि दिए जाने का भी आश्वासन
दिया गया है।मंगलवार को जेट एयरवेज का शेयर 293.70 रुपये पर बंद हुआ था।
इस कीमत के आधार पर देखा जाए तो एतिहाद की पेशकश प्रति शेयर 49 फीसद के
डिस्काउंट पर दिया जा रहा है। बीएसई में कंपनी का शेयर बुधवार को करीब 8
फीसद की गिरावट के साथ 271 रुपये पर बंद हुआ।10 दिसंबर 2018 के बाद से
इंट्रा डे में यह शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट है। टीवी रिपोर्ट के मुताबिक
एतिहाद, जेट में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 49 फीसद करेगी। जेट एयरवेज में
अबू धाबी की विमानन कंपनी एतिहाद एयरवेज 24 फीसद हिस्सेदारी रखती है।
भारतीय कानून के मुताबिक कोई विदेशी कंपनी घरेलू विमानन कंपनी में अधिकतम
49 फीसद की हिस्सेदारी रख सकती है।अनिश्चितता से टूटा शेयर बुधवार को कंपनी
के शेयरों पर वित्तीय समाधान की योजना को लेकर जारी अनिश्चितता का असर
दिखा और यह करीब 8 फीसद तक लुढ़क गया। बीएसई में कंपनी का शेयर 7.95 फीसद
की गिरावट के साथ 271 रुपये पर बंद हुआ। दिन भर की ट्रेडिंग के दौरान यह
करीब 10 फीसद तक टूटकर 266 के स्तर पर चला गया।