महज़ 7 वर्षों में 97 लाख से अधिक पर्यटकों ने किये दर्शन
चंडीगढ़
– पंजाब सरकार द्वारा ख़ालसे की जन्म भूमि श्री आनन्दपुर साहिब में बनाया
गया विरासत -ए -खालसा अब देश का पहले नंबर का म्युजिय़म बन चुका है जिसकी
पुष्टि ‘लिम्का बुक ऑफ रिकार्डज़’ द्वारा की गई है। यह जानकारी पंजाब के
पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री स. नवजोत सिंह सिद्धू ने दी।स.
सिद्धू ने बताया कि उनके विभाग द्वारा पूरे तन-मन से पंजाब के सभ्याचार,
विरासत और पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत को संभालने का यत्न किया है। यही कारण
है कि आज पंजाब दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। पंजाब
के लिए यह बहुत ही मान वाली बात है कि विश्वभर में विलक्षण पहचान बना चुका
विश्व प्रसिद्ध विरासत -ए -खालसा अब समूचे भारत में पहले नंबर पर आ गया
है। यहां पर्यटकों की संख्या केवल 7 वर्षोंं में अब तक 97 लाख से भी
ज़्यादा हो चुकी है। ख़ास बात यह है कि वर्ष 2018 में गत तीन वर्षोंं के
मुकाबले सबसे अधिक पर्यटक विरासत -ए -खालसा देखने के लिए आए हैं। इसीलिए
लिम्का बुक ऑफ रिकार्डज़ की तरफ से श्री आनन्दपुर साहिब में बने ‘विरासत -ए
-खालसा’ को देश का सबसे अधिक देखा जाने वाला म्युजिय़म माना गया है। लिम्का
बुक ऑफ रिकार्डज़ के कार्यालय के अनुसार उन्होंने अपने फरवरी महीने में
आने वाले प्रकाशन में इसको छापने की पुष्टि विभाग के द्वारा पास कर दी गई
है।स. सिद्धू इसके पीछे सभी अधिकारियों और स्टाफ की सख्त मेहनत के लिए
मुबारकबाद भी दी। उन्होंने आगे बताया कि विरासत -ए -खालसा की 27 गैलरियां
हैं और इन गैलरियों में पंजाब के समृद्ध और गौरवमयी 550 वर्षों की विरासत
को बखूबी पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के लिए प्रात:काल 10
बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक के पास मुहैया करवाए जाते हैं जिसके माध्यम
से सभी इस विरासत के दर्शन कर पाते हैं।आंकड़ों संबंधी जानकारी देते हुए
सांस्कृतिक और पर्यटन विभाग के सचिव श्री विकास प्रताप ने बताया कि वर्ष
2011 से लेकर अब तक 97.01 लाख पर्यटक विरासत -ए -खालसा के दर्शन कर चुके
हैं जिनमें मुख्य तौर पर कैनेडा के प्रधानमंत्री, मौरीशस के राष्ट्रपति,
राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री समेत विभिन्न देशों के
मैंबर पार्लियामेंट और राजदूत साहिबान आदि म्युजिय़म का दौरा करके बाकायदा
इसकी तारीफ़ कर चुके हैं।हाल ही में विरासत -ए -खालसा द्वारा बिजली का खर्च
घटाने के लिए उठाये गये कदमों से आए नतीजों की समीक्षा करते हुए पंजाब
ऊर्जा विकास अथॉरटी द्वारा एनर्जी कंजरवेशन अवार्ड भी विरासत -ए -खालसा को
दिया गया है। गत वर्ष के दौरान विरासत -ए -खालसा के मासिक बिजली के बिल में
4 से 5 लाख रुपए की जि़क्रयोग्य बचत भी की गई है।विरासत -ए -खालसा के
मुख्य कार्यकारी अफ़सर श्री मलविन्दर सिंह जगी ने और ज्यादा जानकारी देते
हुए बताया कि प्रतिदिन औसतन 5262 से अधिक पर्यटक दर्शन करने के लिए आते हैं
जबकि गत तीन वर्षों की तुलना में वर्ष 2018 में अब तक के सबसे अधिक
पर्यटकों द्वारा विरासत -ए -खालसा के दीदार किये गए हैं।