संसद का मौजूदा शीतकालीन सत्र अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है, लेकिन कामकाज के लिहाज से इस सत्र में बहुत ज्यादा विधेयक पास नहीं हो पाए हैं. मंगलवार को संसद सत्र का आखिरी दिन है लेकिन अभी भी सरकार के कई महत्वपूर्ण विधायी काम लटके हुए है, जिसकी मुख्य वजह संसद में जारी हंगामा है जो सोमवार को भी दोनों सदनों में देखने को मिला.
संसद का शीतकालीन सत्र अब अपने आखिरी पड़ाव पर है लेकिन विपक्ष का रवैया अब भी असहयोग का दिखाई पड़ रहा है. लिहाजा संसद के दोनों सदनों में सोमवार को भी भारी शोर-शराबा देखने को मिला. लोकसभा में शुरुआती अवरोध के बाद हालांकि सदन की कार्यवाही थोड़ी देर तक चल पाई, लेकिन राजयसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. दोनों सदनों में उत्तर प्रदेश में खनन घोटाले का मामला सुर्खियों में रहा. राज्यसभा में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने खनन मामले में सीबीआई के दुरुपयोग का मामला उठाया, जिसका कांग्रेस ने पुरज़ोर समर्थन किया. भारी शोर-शराबे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही पहले दो बजे दिन तक फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. सत्ता पक्ष ने सीबीआई के दुरुपयोग के आरोप को सिरे से खारिज किया है.
उधर लोकसभा में भी राफेल और खनन मुद्दा गरमाया रहा. विपक्षी सांसदों की टोका-टाकी के बीच सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी. इसी बीच सत्ता पक्ष ने दो महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराया. जिसमें राज्यसभा से बदलाव किए गए नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 संशोधन विधेयक और पर्सनल लॉ संशोधन विधेयक, 2018 शामिल हैं. नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के कानून बनने के बाद बीएड, एमएड, डीएड की पढ़ाई कर चुके उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जिनके संस्थान एनसीटीई से मान्यता प्राप्त नहीं थे.
पर्सनल लॉ संशोधन विधेयक, 2018 भी लोकसभा से पारित हो गया. राज्यसभा से पास होने के बाद इस कानून के ज़रिए कुष्ठ रोग तलाक का आधार नहीं माना जाएगा.
लोकसभा में भारी हंगामा करने वाले सांसदों पर अनुशासनात्मक कारवाई का सिलसिला भी जारी है, सोमवार को भी लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने चार सांसदों को दो दिन के लिए निलंबित कर दिया. जिसमें 3 सांसद ऑल इंडिया अन्नाद्रमुक के और एक सांसद तेलगुदेशम पार्टी के हैं. अभी तक 45 सांसदों को सदन की कार्यवाही से निलंबित होना पड़ा है.