वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि भारत दुनिया का एक ऐसा देश था जो अप्रत्यक्ष कर से बुरी तरह प्रभावित था, लेकिन जीएसटी के लागू होने के बाद से स्थिति पूरी तरह बदल गई है.जीएसटी के 18 महीने पूरा होने पर जेटली ने फेसबुक पर लिखा कि सभी 17 करों को एक जगह समाहित कर दिया गया है. पूरा भारत अब एक बाज़ार बन गया है और अंतरराज्यीय अवरोधों को खत्म कर दिया गया है.उन्होंने लिखा कि पहले राज्य 35 फीसदी से 110 प्रतिशत तक टैक्स वसूल करते थे. 235 वस्तुओं पर 31 फीसदी या उससे ऊपर का शुल्क लगाया जाता था. अब सिर्फ 10 वस्तुओं को छोड़ सभी को 28 प्रतिशत की दर की स्लैब में लाया गया है. 10 वस्तुओं को 18 प्रतिशत की दर या इससे नीचे के दायरे में रखा गया है. आम आदमी से जुड़ी वस्तुओं को 0-5 प्रतिशत की सीमा में रखा गया है.