चंडीगढ़ – शहीदी जोड़ मेले की पवित्रता और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सभी राजनैतिक पार्टियों को इस मौके पर कोई भी राजनैतिक कॉन्फ्रेंस न करने की अपील की है ।उन्होंने कहा कि इस पवित्र मौके पर न ही कांग्रेस पार्टी और न ही राज्य सरकार कोई सार्वजनिक समागम आयोजित करेगी ।इसका प्रगटावा करते हुए आज यहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि दसवें गुरू श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी और उनकी माता गुजरी जी के शहीदी दिवस के मद्देनजऱ मुख्यमंत्री ने यह अपील की है । उन्होंने कहा कि यह दिवस बहुत ज़्यादा सत्कार सहित मनाया जाना चाहिए ।मुख्यमंत्री महसूस करते हैं कि यह दिवस बहुत ही महत्वपूर्ण है और इसको राजनैतिक लाभ लेने के लिए एक मंच के तौर पर संकुचित हितों के लिए नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए ।फतेहगड़ साहिब में शहीदी जोड़ मेल दसवें गुरू जी के छोटे साहिबज़ादों और माता जी के महान बलिदान के सत्कार स्वरूप उसी समय से ही मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग यह महसूस करते हैं कि यह मौका राजनैतिक पार्टियों के लिए एक मंच बनता जा रहा है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने लोगों खासकर राजनैतिक नेताओं को विनम्र श्रद्धालुओं के तौर पर महान शहीदों को श्रद्धा भेंट करने की अपील की है । उन्होंने राजनैतिक कॉन्फ्रेंसें /रैलियां करने की जगह पवित्र गुरुद्वारा श्री फतेहगड़ साहिब में उनको नतमस्तक होने की अपील की है ।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान की राह से एकतरफ़ हट कर विभिन्न पहलकदमियों की तजऱ् पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने फतेहगढ़ साहिब में शहीदी जोड़ मेल की मर्यादा को बहाल किये जाने की दिशा की तरफ यह फ़ैसला लिया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पिछले वर्ष राज्य स्तरीय सार्वजनिक समारोह नहीं मनाया था ।इसी दौरान मुख्यमंत्री ने 26 से 28 दिसंबर तक तीन दिन के लिए मनाए जाने वाले शहीदी जोड़ मेल के दौरान कानून व्यवस्था को यकीनी बनाऐ जाने के लिए सभी कदम उठाए जाने के लिए डी.जी.पी को निर्देश दिए हैं जिससे न केवल देश से बल्कि दुनिया भर से आने वाले लाखों श्रद्धालु बिना किसी मुश्किल से गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक हो सकें ।