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अब नहीं बेच सकेंगे नकली सामान, सरकारी पोर्टल पर वस्तुएं बेचने वाले वेंडरों का होगा सत्यापन

नई दिल्ली। सरकारी विभागों की खरीद-फरोख्त के ऑनलाइन पोर्टल गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पर कुछ कंपनियों की ओर से नकली वस्तुएं बेचे जाने की शिकायतें मिलने के बाद वेंडरों के सत्यापन का फैसला किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों के एक सौ से ज्यादा ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर्स (ओईएम) यानी कंपनियों से जीईएम पर बिक्री करने के इच्छुक अपने वेंडरों का सत्यापन करने को कहा गया है।सार्वजनिक उपक्रमों, विभागों और राज्यों की खरीद के लिए जीईएम वाणिज्य मंत्रालय का ऑनलाइन प्लेटफार्म है। इस प्लेटफार्म पर नकली वस्तुओं की बिक्री होने पर चिंताएं व्यक्त की गई थीं। आइटी हार्डवेयर, फर्नीचर और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में काफी शिकायतें मिलीं।जीईएम की चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफीसर राधा चौहान ने संवाददाताओं को बताया कि हमने सीआइआइ, पीएचडीसीसीआइ और नासकॉम जैसे उद्योग संगठनों से हाथ मिलाया है। हमने सदस्य कंपनियों को ऑनलाइन प्लेटफार्म तक पहुंचने की अनुमति दी है। वे बिक्री करने वाले वेंडरों की पहचान करेंगी और नकली वेंडरों को पकड़ने में मदद करेंगी।उन्होंने कहा कि यह इस मंच पर नकली सामानों की बिक्री को रोकने में मदद करेगा। यह कदम ओईएम के हित में है क्योंकि ऐसी वस्तुओं की बिक्री से कंपनी और उत्पाद दोनों छवि गंदी होती है। राधा चौहान ने कहा ओईएम की ओर से प्रमाणित होने के बाद विक्रेता खुद को जीईएम मंच पर रजिस्टर कर सकते हैं। मंत्रालय ने सरकार के लिए एक खुला और पारदर्शी खरीद मंच बनाने के उद्देश्य से अगस्त 2016 में जीईएम लॉन्च किया।इस प्लेटफार्म पर टॉप पांच उत्पाद श्रेणियों में ऑटोमोबाइल, कंप्यूटर और कार्यालय फर्नीचर शामिल हैं। शीर्ष सेवाओं में सुरक्षा, कैटरर और वाहन भर्ती शामिल है।

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