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अक्टूबर माह का जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपए के पार

दिवाली से पहले अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर देश को हासिल हुई एक और बड़ी उपलब्धि, अक्टूबर के महीने में जीएसटी के जरिए एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का राजस्व हुआ हासिल, वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा जीएसटी दरों को कम करने, कर चोरी रोकने, बेहतर अनुपालन की वजह से मिली सफलता.

मजबूत होती देश की अर्थव्यवस्था में जीएसटी संग्रह के आए ताजा आंकड़ों ने इसे और ताकत प्रदान की है। गौर करने वाली बात यह है कि अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ के पार पहुंच गया है और ऐसा जीएसटी लागू होने के बाद दूसरी बार हुआ है। विशेषज्ञों ने नवंबरदिसंबर में जीएसटी का आंकड़ा एक लाख करोड़ रुपए से उपर जाने की उम्मीद व्यक्त की थी लेकिन अक्टूबर में इस कामयाबी को हासिल करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने जीएसटी के ताजा आंकड़े पर ट्वीट के जरिए कहा कि – अक्टूबर महीने में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। ये सफलता कम दर, कर चोरी पर रोक, बेहतर अनुपालन, एक कर और न के बराबर कर प्रशासनिक हस्तक्षेप की वजह से है।

गौरतलब है कि एक जुलाई 2017 को देश में जीएसटी लागू हुआ था और इसके बाद से देश में अप्रत्यक्ष कर में लगातार बढ़ौती दर्ज की गई है। अक्टूबर में सेटलमेंट के बाद केंद्र सरकार को 48,954 करोड़ रुपए और राज्यों को 52,934 करोड़ रुपए मिले। वित्त मंत्रालय के मुताबिक सितंबर महीने के लिए कुल 67.45 लाख जीएसटीआर 3बी रिटर्न दाखिल किए गए। अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 710 करोड़ रुपए हुआ जबकि सितंबर के महीने में यही 94, 442 करोड़ रुपए था। जिसमें सीजीएसटी 16,464 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 22,826 करोड़ रुपए, आईजीएसटी 53,419 करोड़ रुपए, सेस 8,000 करोड़ रुपए रहा।

वहीं बुधवार को जारी हुई वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में भारत को 77वीं रैंक दी गई। भारत की रैंकिंग में एक साल में 23 पायदान का सुधार हुआ। वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव जीएसटी के जरिए आया है। पिछले साल की रैंकिंग में जीएसटी को शामिल नहीं किया गया था। जीएसटी ने कारोबार की शुरुआत करना आसान बना दिया है, क्योंकि इसमें कई सारे एप्लीकेशन फॉर्म को इंटिग्रेट कर एक सिंगल जनरल इनकॉर्पोरेशन फॉर्म लाया गया है। इससे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज हुई है।

वर्ल्ड बैंक के इस ताजा आंकड़े पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना है। पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जब वर्ल्ड बैंक और मूडीज भारत की रैंकिंग को बढ़ाती है तो कांग्रेस को तकलीफ होने लगती है और भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनस में आगे है जबकि कांग्रेस के समय में ईज ऑफ डूइंग करप्शन में आगे था।

वहीं सरकार ने परिवहन व्यवस्था को लेकर एक आंकड़ा जारी करते हुए कहा कि इसमें काफी सुधार हुआ है। सरकार द्वारा जारी किए गए सुगम यातायात सूचकांक से पता चलता है कि 80 प्रतिशत यात्रियों का मानना है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान पर्यावरण अनुकूल परिवहन में सुधार हुआ है।  इसे जारी करते हुए केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परिवहन को विकसित करने पर जोर दे रही है। सुगम यातायात रिपोर्ट 2018 जारी करते हुए सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मंत्रालय कम किराये पर सार्वजनिक परिवहन उपलब्‍ध कराने के लिए काम कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि एथनॉल, मेथनॉल का उपयोग और विद्युत चालित वाहन प्रदूषण को कम करने में सहायक होंगे।

देश की अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक के बाद एक कई सकारात्मक खबरे मिल रही है। देश में इज़ ऑफ डूइंग बिजनेश का जो माहौल बना है वो केंद्र सरकार द्वारा पिछले चार सालों के दौरान उठाए गए कदमों का नतीजा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत तस्वीर सामने आती रहेगी।

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