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पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा अनाज खाते से संबंधित 31,000 करोड़ रुपए के निपटारे के लिए अरुण जेतली के निजी दख़ल की मांग

जेतली द्वारा इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए मनप्रीत बादल को न्योता

नई दिल्ली,

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गेहूँ और धान की खरीद के संबंधी में अनाज खाते के 31,000 करोड़ रुपए के तुरंत निपटारे के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली के निजी दख़ल की माँग की है । यह राशी पिछली सरकार ने राज्य और केंद्र सरकार के बीच व्यवस्थित करने की जगह गलती से अपने सिर पर ले ली थी । आज शाम श्री जेतली के सरकारी निवास स्थान पर एक मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री जेतली के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए उनको बताया कि इस 31,000 करोड़ रुपए की राशी में 12,000 करोड़ रुपए मूल राशी है जबकि इस पर 19,000 करोड़ रुपए ब्याज है । उन्होंने कहा कि यह पहले ही वित्तीय दबाव का सामना कर रहे राज्य पर अतिरिक्त बोझ है । उन्होंने 2003 -04 से लेकर एफ.सी.आई. के लिए राज्य एजेंसियों द्वारा की गई खरीद के लिए भी खातों को व्यवस्थित न करने संबंधी राशी का जिक्र किया । इस मुद्दे को तुरंत हल करने की केंद्रीय वित्त मंत्री से अपील करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद संभालने से लेकर वह इस मुद्दे को बार -बार उठाते रहे हैं और यह अब केंद्रीय वित्त मंत्री के फ़ैसले के लिए लम्बित पड़ा हुआ है । उन्होंने यह भी बताया कि राज्य पहले ही 3240 करोड़ रुपए के सालाना ब्याज भुगतान की देनदारी का सामना कर रहा है और 20 साल के भुगतान समय के दौरान भुगतान की यह कुल राशी 65,000 करोड़ रुपए तक अवश्य पहुँच जायेगी जोकि राज्य के लिए पूरी तरह ग़ैर -तर्कसंगत है । मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दे के सम्बन्ध में अरुण जेतली ने उनको भरोसा दिलाया कि वह इस मामले का पूरी तरह जायज़ा लेंगे और इसका तेज़ी से निपटारा करेंगे । उन्होंने मुख्यमंत्री को कहा कि वह वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के नेतृत्व में सूबे के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय टीम इस समूचे मामले संबंधी विचार-विमर्श करने के लिए भेजें।  मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव करन अवतार सिंह भी उपस्थित थे ।

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