दिनभर ऑफिस के प्रेशर में काम करना किसी टॉस्क से कम नहीं है। ऑफिस में रोज की इसी रूटीन के कारण अक्सर तनाव रहना व स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता हैं। यहीं चिड़चिड़पान गुस्से के रूप में बेवजह घर वालों पर निकल जाता हैं। कई बार तो व्यक्ति इतना डिस्टर्ब हो जाता है कि धीरे-धीरे डिप्रैशन की चपेट में आने लगता हैं। इस तरह की स्थिति से खुद को बचाने का सबसे सबसे बैस्त तरीका है शक्ति मुद्रा।वैसे तो जाने-अनजाने में हम अपने हाथों को इस पोजिशन में लाते है लेकिन यदि इसे सही तरीके से किया जाए तो शरीर को एनर्जी के साथ-साथ गुस्सा भी शांत रहता है। जिन लोगों को तनाव व गुस्सा अधिक रहता है उनके लिए शक्ति मुद्रा किसी रामबाण से कम नहीं।
शक्ति मुद्रा करने का तरीका
मुट्ठियों की उंगलियां आमने-सामने सीधी रखें (ऊपर की ओर हो)। दोनों मुट्ठियों के बीच लगभग दो इंच का अंतर रखें। फिर लंबी-गहरी सांस लें। इस मुद्रा को रोजाना आधा घंटा करें। अगर शक्ति मुद्रा को वज्रासन में बैठकर किया जाए तो ज्यादा लाभ मिलेगा।
शक्ति मुद्रा करने के फायदे
शक्ति मुद्रा से शारीरिक और मानसिक शक्ति बढ़ती है। इस मुद्रा को करने से नाड़ियों ठीक से काम करती हैं। यह मुद्रा जिम करने वालों, नकारात्मक विचार रखने वालों, तनावग्रस्त, अनिद्रा, स्लिप डिस्क और पीठ दर्द के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद हैं। अगर आपका शरीर बिना वजह से कांपता रहता है तो इस मुद्रा को करके देखें।
