ऊना – मुख्य मंत्री आवास योजना के अंतर्गत अब प्रदेश में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से ग्रस्त परिवारों को भी क्षतिग्रस्त मकान के पुननिर्माण के लिए सरकार की ओर दो लाख रूपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान कर दिया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार ने बजट अभिभाषण 2018-19 में प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त आवासों के पुननिर्माण के लिए धनराशि मुहैया करवाने का उल्लेख किया था। प्रदेश सरकार ने इस योजना के अंतर्गत अब कुल आवंटित धनराशि में से पांच प्रतिशत राशि आपदा ग्रस्त परिवारों के लिए सुरक्षित रखी जाएगी। इस बारे सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है।
उपायुक्त ऊना राकेश कुमार प्रजापति ने मुख्य मंत्री अवास योजना के अंतर्गत किए गए इस नए प्रावधान की जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न तरह की प्राकृतिक आपदाओं जैसे बर्फ, बारिश, बाढ़, बादल फटने, आसमानी बिजली, आग व भूकंप इत्यादि से प्रभावित परिवारों को शामिल किया गया है। साथ ही कहा कि इस अधिसूचना के अंतर्गत अब प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों का बीपीएल सूची में होना भी अनिवार्य नहीं होगा। उन्होने कहा कि इस योजना के प्रावधानों के तहत अब आपदा ग्रस्त परिवारों ने यदि पूर्व में केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य आवासीय योजनाओं के तहत अनुदान राशि प्राप्त की है तो भी आपदा ग्रस्त परिवार पुन: अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए पात्र होगा। उन्होने बताया कि इस योजना के माध्यम से आपदा ग्रस्त परिवार को कुल दो लाख रूपये की सहायता राशि को दो किस्तों में उपलब्ध करवाया जाएगा। जिनमें से पहली किश्त एक लाख 20 हजार रूपये गृह निर्माण कार्य शुरू होने पर जबकि दूसरी किश्त 80 हजार रूपये गृह निर्माण कार्य पूर्ण होने पर प्रदान की जाएगी।
उन्होने बताया कि किसी भी पंचायत में प्राकृतिक आपदा होने पर संबंधित पंचायत द्वारा एक सप्ताह के भीतर मामले को संबंधित खंड विकास अधिकारी के माध्यम से उपमंडल अधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। इस तरह के मामलों को यदि पंचायत एक सप्ताह के भीतर मामले को खंड विकास अधिकारी को नहीं भेजती है तो बीडीओ स्वयं यह मामला उपमंडलाधिकारी को भेज सकते हैं तथा ग्राम पंचायत के विरूद्ध मामले में अनावश्यक देरी के लिए विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। उन्होने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित मामला प्राप्त होने पर संबंधित उपमंडलाधिकारी 10 दिन के भीतर मामले की पटवारी व कानूनगो के माध्यम से जांच पडताल कर अनुशंसा को संबंधित बीडीओ को भेजेगा तथा बीडीओ मामला प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) को तथा डीआरडीए तीन दिनों के भीतर मामले को उपायुक्त के माध्यम से सरकार को प्रेषित करेंगे।
उन्होने बताया कि मुख्य मंत्री आवास योजना के तहत सरकार ने कुल लक्ष्य का पांच प्रतिशत जरूरत मंद परिवारों के लिए सुरक्षित रखने का विशेष प्रावधान किया है। जिसे संबंधित उपायुक्त की अनुशंसा पर निदेशक ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ही स्वीकृत किया जाएगा। उन्होने बताया कि इस विशेष प्रावधान के तहत लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए एक लाख 30 हजार रूपये की राशि को तीन किश्तों में जिनमें पहली किश्त 65 हजार रूपये निर्माण कार्य आरंभ होने पर, दूसरी 35 हजार रूपये लैंटर स्तर तक चिनाई होने पर तथा तीसरी किश्त 30 हजार रूपये निर्माण कार्य पूर्ण होने पर उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होने बताया कि मुख्य मंत्री आवास योजना का प्रमुख उदेश्य प्रदेश के निर्धन परिवारों को गृह निर्माण के लिए अनुदान प्रदान करना है तथा प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के पुननिर्माण हेतु सहायता प्रदान करना है।