पंजाब

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा मुख्यमंत्री रिहायश पर बलजीत सिंह दादूवाल की मौजुदगी संबंधी सुखबीर के दोषों की जांच विधानसभा से करवाने की मांग

अकाली दल के प्रधान को जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर कल की बहस में शामिल होने की चुनौती
चंडीगढ़,
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गत रात मुख्यमंत्री रिहायश पर उनकी तरफ से सिख प्रचारक बलजीत सिंह दादूवाल को मिलने संबंधी सुखबीर सिंह बादल द्वारा लगाऐ गए निराधार दोषों पर सख़्त प्रतिक्रिआ ज़ाहिर करते हुए विधानसभा के स्पीकर को इस मामले की जांच करवाने की अपील की है। बेबुनियाद दोषों से सदन को गुमराह करने की कोशिश करने के लिए शिरोमणि अकाली दल के प्रधान पर बरसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के द्वारा सुखबीर बादल के झूठों का पर्दाफाश किया जा सकता है। बेअदबी मामलों संबंधी जस्टिस (सेवामुक्त) रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट को सरकार द्वारा सदन में पेश करने से तुरंत बाद सुखबीर बादल ने यह दोष लगाऐ। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने इस रिपोर्ट को कार्यवाही रिपोर्ट (एक्शन टेकन रिपोर्ट) के साथ मंजूर करते हुए इसको सदन में पेश करने की सहमति दी। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सुखबीर बादल के दोषों का जवाब देते हुए कहा कि वह कभी भी बलजीत सिंह दादूवाल को नहीं मिले और न ही उनको पहचानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पुलिस गोलीबारी के बाद वह बरगाड़ी गए थे तो उनको बताया गया था कि यहाँ सिख प्रचारक भी बैठे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने तो सिख प्रचारक को देखा है तो न ही निजी तौर पर मिले हैं।
मुख्यमंत्री रिहायश की निगरानी सी.सी.टी.वी. कैमरों के अधीन होने का जि़क्र करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने विधानसभा में कहा कि सी.सी.टी.वीज़ की वीडिओज़ के द्वारा सुखबीर के कोरे झूठ का पर्दाफाश असानी से जा सकता है।  सुखबीर ने दोष लगाऐ थे कि बेअदबी मामलों पर जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट सदन में पेश करने से पहले साजिश घडऩे के लिए मुख्यमंत्री ने बलजीत सिंह दादूवाल के साथ मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने सुखबीर बादल को बेअदबी घटनाओं पर बहस करने की चुनौती दी है जिन घटनाओं ने अकाली -भाजपा सरकार के दौरान राज्य को झंझोड़ कर रख दिया था। मुख्यमंत्री ने स्पीकर को पवित्र सदन में झूठ बोलने के लिए विधायक के खि़लाफ़ कार्यवाही शुरू करने की अपील की। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पिछले 10 सालों के शासनकाल के दौरान किये बुरे कामों ख़ासकर बेअदबी की घटनाओं को रोकने में बुरी तरह नाकाम रहने से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अकाली यह ढकोसला कर रहे हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अकाली नेताओं को रिपोर्ट पर कल होने वाली बहस से भागने की बजाय इसमें शामिल की चुनौती दी है क्योंकि अकाली मुख्य मुद्दों से पहले भी भागते रहे हैं।
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