कांगड़ा

ये हुई न बात….जिला में बेटियों के नाम पर नई शुरूआत

जिलाधीश ने शुरू की ‘एक बूटा बेटी के नाम’ मुहिम

धर्मशाला, कांगड़ा जिला में एक नई मुहिम ‘एक बूटा बेटी के नाम’ शुरू की गई है। इसके तहत अभिभावकों को बच्चियों के नाम पर अपने घर-आंगन में फलदार पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने साथ ही इसमें उनका सहयोग भी किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने पिछले तीन वर्षों में जन्मीं बच्चियों के अभिभावकों को 26 हजार 584 पौधे निशुल्क दिए हैं। जिलाधीश संदीप कुमार ने वीरवार को धर्मशाला के समीप खनियारा वार्ड के गांव ठेहड़ में बच्चियों एवं अभिभावकों को कटहल के बूटे भेंट कर इस मुहिम का शुभारंभ किया। इस मौके ठेहड़ गांव की अढ़ाई साल की बच्ची अदिति के नाम पर उनकी माता इंद्रा देवी और दादी हीमा देवी ने जिलाधीश की उपस्थिति में अपने आंगन में कटहल का बूटा लगाया। इस मौके संदीप कुमार ने कहा कि जिला में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में एक नया आयाम जोड़ते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण से जोड़ कर ‘एक बूटा बेटी के नाम’ मुहिम की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि ये बच्चियों की सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास है। यह मुहिम लिंगानुपात में सुधार के साथ साथ प्राकृतिक असंतुलन ठीक करने में सहायक होगी।
उन्होंने कहा कि इस मुहिम के तहत जिलाभर में पिछले तीन वर्षों में जन्मीं बच्चियों के अभिभावकों को अनार, कटहल, नींबू प्रजाति के पौधे, लीची और आम जैसे 26 हजार 584 पौधे निशुल्क दिए गए हैं। जिला के महिला एवं बाल विकास कार्यालय और बागवानी विभाग के उपनिदेशक कार्यालय के सहयोग से ये पौधे हर आंगनबाड़ी केेंद्र में पहुंचाए गए हैं, जहां से संबंधित परिवारों को ये आज वितरित कर दिए गए हैं। लोगों को ऐसे पौधे दिए जा रहे हैं जिनके लिए उस क्षेत्र में फलने फूलने के लिए अनुकूल जलवायु हो।यह भी तय किया गया है कि बागवानी विभाग के अधिकारी समय समय पर इन पौधों की निगरानी करेंगे।
जिलाधीश ने पौधे वितरित करते हुए अभिभावकों से इन पौधों को आंगन में लगाकर इनकी भी बच्चों की तरह देखभाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बेटी के नाम पर लगाया गया पौधा बेटियों की शादी ब्याह के बाद अथवा नौकरी के लिए घर से दूर जाने पर भावनात्मक रूप से हमेशा जुड़े रहने का एहसास देगा।
‘बेटियों और बूटों दोनों को फलने फूलने को देंगी सही माहौल’
कार्यक्रम में उपायुक्त के हाथों बूटे प्राप्त करने वाली माताओं ने एकस्वर में जिलाप्रशासन की इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि प्रशासन की इस अच्छी पहल से घर में बेटियों से जुड़ी यादें हमेशा जीवंत रहेंगी । वे इन पौधों को अपनी बच्ची की ही तरह दुलार देंगीं और दोंनों को ही फलने फूलने के लिए उपयुक्त माहौल उपलब्ध करवाएंगी। ठेहड़ की अंजना देवी ने अपनी 2 साल की बच्ची आश्रया के नाम पर पौधा लेने के बाद अपनी खुशी प्रकट करते हुए कहा कि यह स्मृतियां हमेशा उनके आंगन में लहलहाएंगी। वहीं दीक्षा ने अपनी बेटी नाईरा, रीना देवी ने बेटी नैंसी और आरती ने बेटी कनिका के नाम पर आंगन में लगाने के लिए पौधे लेते हुए समाज में महिलाओं के शोषण की कुरीतियिां दूर करने के लिए अपना सक्रिय योगदान देने की बात कही। इस मौके 94 पौधे वितरित किए गए। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी रणजीत सिंह और बागवानी विभाग के उपनिदेशक दौलत राम वर्मा ने ‘एक बूटा बेटी के नाम’ मुहिम की संपूर्ण जानकारी देने के अलावा अपने अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दी। दौलत राम वर्मा ने लोगों को पौधे रोपने की विधि के बारे में भी विस्तार से बताया।

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