कांगड़ा

राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह इन्दौरा में मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण

समूचे हिमाचल प्रदेश में आज 72वां स्वतंत्रता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर राज्य, जिला तथा उपमण्डल स्तर पर समारोहों आयोजित किए गए। राष्ट्रीय ध्वजारोहण, पुलिस, गृह रक्षा, एनसीसी, आईटीबीपी के जवानों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोहों के मुख्य आकर्षण रहे। समारोह को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने प्रातःकाल
से ही अपने पारम्परिक परिधानों में सुसज्जित होकर समारोह स्थल पर एकत्र होना आरम्भ कर दिया था।मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कांगड़ा जिले के इन्दौरा में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए तिरंगा फहराया तथा राज्य पुलिस, जम्मू व कश्मीर पुलिस, गृह रक्षकों, एनसीसी, स्काउटस् एण्ड गाइडस् तथा एनएसएस के कैडेटों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्च पास्ट की सलामी ली।
परेड का नेतृत्व उप-अधीक्षक पुलिस आर.के. ठाकुर ने किया। इस अवसर पर उपस्थित भारी जनसमूह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश का चहूूंमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए ‘सबका साथ सबका विकास’ एकमात्र लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, अवैध खनन को रोकने, नशाखोरी तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रति कृतसंकल्प है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘शक्ति बटन एप’ और ‘गुड़िया हेल्पलाइन-1515’ शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि वन माफिया, खनन माफिया तथा नशा माफिया से सख्ती से निपटने के लिए ‘होशियार सिंह हेल्पलाइन-1090’ भी शुरू की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में शुरू की गई विभिन्न योजनाओं तथा परियोजनाअेां की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा व निगरानी के लिए ‘मुख्यमंत्री डैश बोर्ड’ शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए राज्य सरकार ने 30 नई योजनाओं की घोषणा की हैं। उन्होंने कहा कि सभी नई योजनाओं के लिए बजट में पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमण्डल की पहली ही बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने के लिए आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया गया है, जिससे 1.30 लाख वृद्धजन लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विभिन्न श्रेणियों के लगभग चार लाख 47 हजार पात्र लोंगों को सामाजिक सुरक्षा पैंशन प्रदान की जा रही है, जिसके लिए इस वर्ष
600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि ‘जन मंच’ राज्य के लोगों की समस्याओं का उनके घर-द्वार पर त्वरित समाधान करने के लिए आरम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के लोगों से सीधा सम्पर्क स्थापित करने के लिए उपयोगी एवं संचार के प्रभावी माध्यम के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से नियमित रूप से योजना की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना’ आरम्भ की है जिसके अन्तर्गत केन्द्र सरकार की उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत न आने वाले परिवारों तथा ऐसे परिवारों जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं है, को निःशुल्क घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के लोगों से ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को जागरूक करने का आग्र्रह किया ताकि योजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक घरों को लाभान्वित किया जा सके। इसी प्रकार, युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करने तथा स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना’ आरम्भ की गई है और इसके लिए बजट में 80 करोड़ रुपये का प्रावधान
किया गया। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र से 6310 करोड़ रुपये की छः प्रमुख योजनाओं को स्वीकृत करने में कामयाब रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास, बागवानी विकास, पेयजल सुविधा को सुदृढ़ करना, जल संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण तथा वन प्रबन्धन से जुड़ी ये परियोजनाएं किसानों की आय को दोगुना करने, युवाओं को रोजगार प्रदान करने तथा महिलाओं के सशक्तिकरण
के लिए कारगर सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तथा प्रदेश के लोग राज्य के लिए उदार सहायता प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उदारता के कारण ही यह सम्भव हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 करोड़ रुपये की एक नई योजना ‘नई राहें-नई मंजिलंे’ शुरू की गई हैं, जिसके अन्तर्गत प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण अनछुए स्थानों के भ्रमण के लिए सैलानियों को आकर्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने हाल ही में 1892 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी पर्यटन विकास परियोजना स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि शिमला और चण्डीगढ़ के बीच हेली-टैक्सी सेवा आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सप्ताह में तीन दिनों के लिए इस हेली-टैक्सी सेवा को आरम्भ करने के राज्य हैलीकॉप्टर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि अन्य
महत्वपूर्ण पर्यटन गंतव्यों के लिए भी इस प्रकार की सेवाएं आरम्भ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार प्रदेश में शून्य लागत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और इसेे प्रोत्साहित करने के लिए बजट में 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आवागमन की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए सड़कों के विकास एवं विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक सड़कों की मुरम्मत के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है और इस वर्ष 600 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण तथा 40 नए गावांे को सड़क सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि 4312 किलोमीटर लम्बे नए स्वीकृत 69 राष्ट्रीय राजमार्गो में से अधिकांश मामलों में परामर्शदाताओं को स्वीकृति पत्र जारी किए जा चुके हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य के लोगों को गुणात्तमक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सात माह की इस अवधि के दौरान चिकित्सकों के अनेक पद भरे गए हैं और जरूरतमंद मरीजों को अस्पतालों में मुफ्त दवाईयां प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में चौबीस घण्टे 330 जेनेरिक दवाईयां निःशुल्क प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना (नव आगंतुक) के अन्तर्गत नवजात शिशुओं को 1500 रुपये की किट प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता
सुनिश्चित बनाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदर्श विद्या केन्द्र योजना तैयार की गई है जिसके अन्तर्गत प्रत्येक विधनसभा क्षेत्र में जहां नवोदय विद्यालय अथवा एकलव्य विद्यालय नहीं है, में चरणबद्ध ढंग से एक आदर्श आवासीय स्कूल खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में 10 स्कूलों की स्थापना की जाएगी, जिनमें से पांच स्कूल केवल लड़कियों के लिए खोले जाएंगे।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए सागर परिक्रमा में सफलता के लिए राज्य की लड़कियों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह राज्य के लोगों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशाखोर की घटनाओं पर चिन्ता जाहिर की। उन्होंने समाज से इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए राज्य के लोगों से आगे आने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने राज्य के कर्मचारियों तथा पेंशनरों के लिए पहली जुलाई,
2018 से चार प्रतिशत अंतरिम राहत की घोषणा की, इससे उन्हें 260 करोड़
रुपये के वित्तीय लाभ प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भूतपूर्व सैनिक तथा उनकी विधवाएं जो पैंशन प्राप्त नही कर रही हैं तथा उन्हें 500 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पैंशन प्रदान की जा रही है, वह अब 3000 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करेंगी। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सैनिक कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के लिए आय सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 7 लाख किया गया है, इससे राज्य के 5000 भूतपूर्व सैनिक परिवार लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने इन्दौरा में लोक निर्माण विभाग का मण्डल खोलने की घोषणा की। उन्होंने इन्दौरा, ज्वालामुखी तथा जयसिंहपुर में गौसदनों की स्थापना करने की घोषणा की।
उन्होंने इन्दौरा में मिनी सचिवालय के निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इन्दौरा को 50 बिस्तरों के अस्पताल में स्तरोन्नत करने तथा इस अस्पताल में एक्स-रे मशीन और अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने पुलिस पोस्ट डमटाल को पुलिस स्टेशन में स्तरोन्नत करने तथा इन्दौरा में पांच टयूबवैल लगाने की भी घोषणा की। उन्होंने घोषणा की कि विधानसभा क्षेत्र के दो वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में वाणिज्य तथा विज्ञान की कक्षाएं आरम्भ की जाएंगी। उन्होंने जंगली जानवरों के आक्रमण के कारण मृत व्यक्ति के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुदान को 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये करने तथा गंभीर रूप से घायलों की अनुदान राशि एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने घोषणा की कि दुधारू पशु की मौत के मामले में प्रदान किया जाने वाला अनुदान 10 हजार के स्थान पर अब 30 हजार रुपये होगा। उन्होंने इस अवसर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले स्कूली विद्यार्थियों को अपनी ऐच्छिक निधि से 51 हजार रुपये की घोषणा की।
इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को
पुरस्कार भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शैल बाला तथा गुलाब सिंह को मरणोपरांत हिमाचल गौरव पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने चौधरी श्रवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के वैज्ञानिक डा. प्रदीप कुमार को कृषि क्षेत्र में, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को शिक्षा के क्षेत्र में, हिमालय अनुसंधान समूह के निदेशक डा. लाल सिंह, पुलिस महानिदेशक (जेल) को सामाजिक कल्याण तथा रोजगार के लिये हिमाचल प्रदेश राज्य नवाचार पुरस्कार प्रदान किए। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, विधायक रमेश ध्वाला, राकेश पठानिया, राजेश ठाकुर व अर्जुन सिंह, रविन्द्र सिंह, अरूण मेहरा तथा रीता धीमान, पूर्व सांसद कृपाल परमार, पूर्व विधायक दुलो राम, मुख्य सचिव विनीत चौधरी, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी तथा अन्य वरिष्ठ सिविल एवं पुलिस अधिकारी व शहर के गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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