पंजाब

क्वालिटी कंट्रोल होगा पी.डब्ल्यू.डी के सभी कार्यों का आधार: सिंगला

राज्य के सभी हॉट मिक्स प्लांटों में लगाई जाएंगी आटोमैटिक कम्प्युटराईजड़ बिटुमन एक्स्ट्रेक्शन भट्टियां

चंडीगढ़,

‘क्वालिटी कंट्रोल होगा पी.डब्ल्यू.डी के सभी कार्यों का मुख्य आधार’’ यह कहना है राज्य के पी.डब्ल्यू.डी मंत्री श्री विजय इंद्र सिंगला का। उन्होंने कहा कि सडक़ प्रोजेक्टों में अनियमितताओं और कोताहियों के बाद अधिकारियों के खि़लाफ़ जांच और निलंबित करके समय खऱाब करना अब बीते समय की बात हो गई है। अब राज्य के सभी हॉट मिक्स प्लांटों के मालिकों को यह निर्देश जारी किये जा चुके हैं कि सडक़ निर्माण के दौरान इस्तेमाल करी जाने वाली सामग्री में बिटुमन की मात्रा को जांचने के लिए ऑटोमैटिक कम्प्युटराईजड़ बिटुमन ऐकस्ट्रेकशन भट्टियाँ लगाई जाएँ। इसके साथ ही सडक़ निर्माण या मुरम्मत से संबंधित सभी प्रोजेक्टों में आटोमैटिक कम्प्युटराईजड़ बिटुमन ऐकस्ट्रेकशन रिपोर्टों का होना भी लाजि़मी कर दिया गया है। एजेंसियों को अपने किये कामों का भुगतान तो मिल सकेगा यदि उनके बिलों के साथ यह रिपोर्टें भी नत्थी होंगी। इसके साथ पुराने और परंपरागत क्वालिटी कंट्रोल के ढंग के मुकाबले गलती होने की गुंजाईश घटेगी और कार्यकुशलता बढ़ेगी। इसके इलावा कार्यकारी इंजनियरों के नेतृत्व में चार विशेष उडऩ दस्ते भी बनाऐ गए हैं जिनमें दो-दो एस.डी.ओज़ को भी शामिल किया गया है। यह दस्ते किसी भी दिन और किसी भी समय पूरे राज्य में चल रहे सडक़ निर्माण, मुरम्मत के किसी भी काम की शिकायत मिलने पर अचानक जांच करने के अधिकार रखते हैं। यह प्रयास गुणवत्ता को दांव पर रखकर हुए किसी भी किस्म के समझौते की पहचान और रोकथाम में सहायक सिद्ध होगा।  इसके साथ साथ लोक निर्माण विभाग पंजाब द्वारा अपनी गुणवत्ता का स्तर ऊँचा उठाने के लिए पटियाला में 7 करोड़ की लागत से रिसर्च लैब का नवीनीकरन भी किया जा रहा है। पहले चरण के दौरान इस लैबोरेटरी के नवीनीकरन के लिए कुल 2.82 करोड़ की लागत से ‘फलैक्सीबल रोड पेवमैंटों’ की मज़बूती के मुल्यांकन के लिए ‘फालिंग वेट डिफलैक्टोमीटर’, सडक़ की निशानदेही और सूचना बोर्ड के लिए ‘ रैट्रो रिफलैक्टोमीटर’ और ‘न्यूक्लियर डैंस्टी गेज’ आदि को खरीदने की मंजूरी दी जा चुकी है। लैबोरेटरी के नवीनीकरन से पहले हो रहे 34 अलग अलग तरह के टैस्टों के इलावा 13 अन्य नए टैस्ट करने की सुविधा भी होगी। यहाँ यह बताना ज़रूरी है कि पी.डब्ल्यू.डी (बी एंड आर) रिसर्च लैबोरेटरी विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त राज्य की अकेली रिसर्च लैब है जोकि विभाग के सैंपलों की जांच और निरीक्षण करने के लिए समर्थ है। इस नवीनीकरन से राज्य के अन्य विभाग जैसे सिंचाई विभाग, पुड्डा, पंचायती राज, पंजाब हैल्थ सिस्टम कार्पोरेशन, पी.एस.आई.डी.सी, विजीलैंस आदि भी अपने सैंपलों का निरीक्षण एक मामूली शुल्क पर करवा सकते हैं। इसलिए लैब के नवीनीकरन का यह उद्यम अन्य विभागों के लिए भी लाभप्रद साबित होगा। दूसरे चरण में 4 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लागत से आधुनिक अंतरराष्ट्रीय मापदण्डों की मशीनों से क्वालिटी कंट्रोल ढांचे को और मज़बूत किया जायेगा जिससे पंजाब में चल रहे सभी बुनियादी ढांचो से सम्बन्धित कामों की बाकायदा और गंभीरता से जांच को यकीनी बनाया जा सके। राज्य में दूर-दूराज इलाकों में टेस्टिंग की सहूलतें मौके पर ही प्रदान करन के उद्देश्य से विभाग द्वारा आधुनिक मोबाईल वैन की शुरुआत भी सितम्बर 2018 तक कर दी जायेगी। श्री सिंगला ने यह भी जानकारी दी कि एसफॉल्ट हॉट मिक्स प्लांटों में बजरी के ज़रुरी उत्पादन के लिए स्टोन क्रशरों और एसफॉल्ट हॉट मिक्स प्लांटों के आटोमेशन की संभावना ढूँढी जा रही है। स्टोन क्रशरों और एसफॉल्ट हॉट मिक्स प्लांटों की आटोमेशन एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन भी किया गया है जो कि रिपोर्ट सौंपेगी कि बढिय़ा मिक्स मैटीरियल कैसे प्राप्त किया जा सकता है।

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