मुम्बई: अब तक जिन करीब 900 कंपनियों के मामले में बैंकरप्सी कोर्ट में आए हैं उनके बीच वीडियोकॉन ग्रुप पर फाइनैंशियल क्रैडिटर्स ने सबसे ज्यादा देनदारी होने का दावा किया है। वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज और वीडियोकॉन टैलीकॉम के लिए रैजोलूशन प्रोफैशनल को 79,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के फाइनैंशियल क्लेम मिले हैं। आर.बी.आई. ने लैंडर्स को निर्देश दिया था कि दिसम्बर 2017 तक अगर कोई रैजोलूशन प्लान नहीं बन पाए तो दोनों कंपनियों के मामले इस साल जनवरी तक बैंकरप्सी कोर्ट में भेज दिए जाएं। एक सीनियर बैंक अधिकारी ने कहा कि अभी तो कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन हमें डर है कि दोनों कंपनियों पर बकाया के कम से कम आधे हिस्से से लैंडर्स को हाथ धोना पड़ सकता है। कंपनी ने मार्च 2018 तिमाही में 60 करोड़ रुपए की आमदनी और 2072 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज किया था। वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज पर 50 लैंडर्स ने 58,730 करोड़ रुपए बकाया होने का दावा किया है। इसमें से रैजोलूशन प्रोफैशनल ने 57,164 करोड़ रुपए के क्लेम स्वीकार किए हैं। हालांकि यह रकम भी नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को रैफर की गई कंपनियों के बीच सबसे ज्यादा है।
वीडियोकॉन टैलीकम्युनिकेशंस के मामले में रैजोलूशन प्रोफैशनल को फाइनैंशियल क्रैडिटर्स से 20,551 करोड़ रुपए के क्लेम मिले हैं। इनमें से अब तक 18,406 करोड़ रुपए के दावे स्वीकार किए गए हैं। लैंडर्स ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज और वीडियोकॉन टैलीकम्युनिकेशंस के लिए अनुज जैन को रैजोलूशन प्रोफैशनल बनाया है। धूत फैमिली और वेणुगोपाल धूत की ओर से प्रोमोट की गई कंपनियों का वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज में 61.4 प्रतिशत हिस्सा है। यह कंपनी शेयर बाजारों पर लिस्टेड है। वीडियोकॉन टैलीकम्युनिकेशंस अनलिस्टेड है और इस पर पूरा मालिकाना हक धूत परिवार के सदस्यों के पास है।