मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-यामी गौतम को अपने रूट्स से कनेक्टेड रहना अच्छा लगता है। यामी हमेशा समाज, खासकर जहां उनकी परवरिश हुई है, वहां के लोगों की मदद का कोई भी मौका नहीं छोड़ती हैं। हाल ही में त्योहारों के अवसर पर यामी हिमाचल प्रदेश, बिलासपुर गईं और अपने शहर से लोगों से भी मुलाकात की। एक्ट्रेस का जन्म बिलासपुर में हुआ था और फिर चंडीगढ़ में उनकी परवरिश हुई। अपने एक्टिंग के करियर को आगे बढ़ाने के लिए मुंबई आने से पहले उन्होंने चंडीगढ़ में अपनी पढ़ाई पूरी की।
यामी आज तक शहर के लोगों के संपर्क में हैं और जब भी कोई खास मौका आता है, तब वह वहां पहुंच जाती हैं। इस बार यामी अपने होमलैंड के लिए कुछ बेहद खास करने जा रही हैं। एक्ट्रेस ने कम उम्र की लड़कियों के लिए राइट टू एजुकेशन के कोर आइडिया में मदद करने की जिम्मेदारी ली है। वह हर गुजरते साल के साथ लोगों की मदद के इरादे से अपने होमटाउन में एक एन्युअल प्रोग्राम का आगाज करना चाहती हैं, ताकि शिक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत वाले लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जा सके, साथ ही पब्लिक फंडिंग के जरिए समाज के कमजोर वर्ग से आने वाली बालिकाओं की शिक्षा में मदद मिल सके। हर साल नए एकेडमिक ईयर की शुरुआत से पहले इस कैंप का आयोजन किया जाएगा, जहां समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों एवं उनके माता-पिता को सलाह के साथ-साथ बालिकाओं की शिक्षा के लिए अनुदान राशि दी जाएगी।
इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मेरा जन्म बिलासपुर में हुआ था और मैंने देखा है कि पिछले कुछ सालों में वहां की लड़कियां अधिक इंडिपेंडेंट हो रही हैं, जो मेरे लिए काफी गर्व की बात है। हालांकि समाज के कमजोर तबके से आने वाली लड़कियां आज भी पिछड़ी हुई हैं, और ऐसे परिवार खासतौर पर लड़की को बेसिक एजुकेशन दिलाने का खर्च नहीं उठा सकते हैं, या फिर अंत में इन परिवारों की लड़कियों को स्कूल छोड़ना पड़ता है। मेरा मानना है कि, किसी भी बैकग्राउंड की लड़की के लिए शिक्षा उसका अधिकार है और इसीलिए मैं लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट कर रही हूँ, ताकि वे ज्ञान की ताकत की मदद से किसी भी हालात का सामना करने के लिए अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।”