ऊना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के सौजन्य से प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए टीबी के नये मामले खोजने के दृष्टिगत 01 अगस्त से 15 अगस्त तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत ऊना जिला के चयनित स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर संभावित टीबी मरीज़ों की जांच करेंगी। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त कृतिका कुलहरी ने आज इस अभियान के सफल आयोजन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने जनता से क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने में स्वास्थ्य विभाग को सहयोग देने का आहवान करते हुए कहा कि डॉट्स प्रणाली द्वारा टीबी का ईलाज संभव है और इसका उपचार निशुल्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया यदि किसी को दो सप्ताह से ज्यादा खांसी हो, शाम के समय बुखार आता हो, खांसते समय बलगम में खून आता हो, छाती में दर्द होता हो या सांस फूलती हो, गर्दन या बगल में गांठ हो अथवा भूख और वजन कम हो रहा हो तो ऐसा कोई भी लक्षण पाए जाने की स्थिति में रोग को न छुपाएं ताकि इस रोग का ईलाज समय पर शुरू किया जा सके । उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2018 से क्षय रोग के मरीजों को प्रतिमाह पांच सौ रूपये आहार सहायता के रूप में दिये जा रहे है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रमन, चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 भरत भूषण, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 प्रवीण चौधरी, कुलदीप सिंह एवं गुलशन कुमार भी उपस्थित रहे।