दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हालात फिलहाल सामान्य है, पुलिस अपनी जांच में जुटी और इस बीच पुलिस ने तमाम मामले को अपराध शाखा को सौंपा है। वहीं, जेएनयू प्रशासन ने 2020 के शीतकालीन सेमेस्टर में पंजीकरण की तारीख 12 जनवरी से बढाकर 20 जनवरी कर दी है। लेकिन सबको इंतज़ार है उन नकाबपोश लोगों के क़ानून के दायरे में आने का, जिन्होंने 5 जनवरी को जेएनयू कैंपस में हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया। जेएनयू में रविवार को हुई हिंसा के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य है और पुलिस तमाम एंगल से जांच कर रही है। कैंपस में हुए हमले के संबंध में पुलिस को 11 शिकायतें मिली है। इसमें वह शिकायत भी शामिल है जो हमले के बाद एक प्राध्यापक ने दर्ज करायी थी। इन सभी मामलों को अपराध शाखा के हवाले किया जाएगा।इस बीच मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को जेएनयू के कुलपति से मुलाकात की और विश्वविद्यालय परिसर में हालात सामान्य बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का जायजा लिया। जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने अपने ट्वीट में कहा, ”आज सुबह अमित खरे (सचिव एचआरडी) तथा जी सी होसूर (संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा) से मुलाकात की और उन्हें जेएनयू में सामान्य स्थिति बहाल करने के बारे में उठाये जा रहे कदमों से अवगत कराया।”अधिकारियों ने जेएनयू प्रशासन से कहा कि वो कैंपस में हालात सामान्य करने के लिए कदम उठाए। जेएनयू कुलपति ने कहा कि कैंपस में स्थिति नियंत्रण में है और जो छात्र शीतकालीन सेमेस्टर में पंजीकरण कराना चाहते हैं, उन्हें सुविधा मुहैया कराने तथा अकादमिक कार्यो के लिये उपयुक्त माहौल बनाने के लिए सभी कदम उठाये जा रहे हैं। जेएनयू प्रशासन ने 2020 के शीतकालीन सेमेस्टर में पंजीकरण की तारीख 12 जनवरी से बढाकर 20 जनवरी कर दी है।इस बीच सूचना प्रसारण मंत्री ने कहा है कि विश्वविद्यालय ऐसा स्थान होता है जहां लोग पढ़ने जाते हैं, ऐसे में हिंसा का वहां कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंसा शामिल सभी नकाबपोश जांच में बेनकाब होंगे।