जल सेना के गुप्त ऑपरेशन के विभिन्न पक्षों पर हुई चर्चा
चंडीगढ़ – पाकिस्तान के साथ सन 1971 की जंग के समय पर भारतीय जल सेना के गुप्त ऑपरेशन पर लिखी किताब अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज़ कोवर्ट नेवल वॉर इन ईस्ट पाकिस्तान, 1971 पर मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान करवाई गोष्ठी के दौरान इस ऑपरेशन के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डाला गया। एम.एन.आर सामंत और संदीप ओनीथान द्वारा लिखी यह किताब बांग्लादेश की आज़ादी की जंग सम्बन्धी भारतीय जल सेना के गुप्त ऑपरेशन एक्स सम्बन्धी अहम दस्तावेज़ है। पैनलिस्ट में सह लेखक संदीप ओनीथान, एडमिरल सुनील लांबा और कोमोडोर एस.पी. केसनूर शामिल थे।गोष्ठी के दौरान इस किताब के सह लेखक और पैनलिस्ट संदीप ओनीथान ने बताया कि पाकिस्तान ने पूर्वी पाकिस्तान में नसलीयता शुरू कर दी थी और लाखों लोगों को शरणार्थियों के तौर पर भारत आने के लिए मजबूर होना पड़ा और वह शरणार्थी बांग्लादेश बनाने के लिए अंडर वॉटर गुरिल्ला ऑपरेशन का प्रशिक्षण लेने के लिए तैयार हुए थे और उनको भागीरथी के किनारे प्लासी में प्रशिक्षण दिया गया था।इस गोष्ठी की शुरुआत 1971 की जंग के दौरान पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान तक की स्पलाई बंद करने सम्बन्धी विचार-विमर्श के साथ शुरू हुई। कैप्टन एम. रोऐ और कमांडर एम.एन.आर. सामंत ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया था। इस किताब में भारतीय जल सेना द्वारा गुप्त ऑपरेशन के ज़रिये पाकिस्तानी समुद्री जहाज़ों को उड़ाने संबंधी भी खुलासे किये गए हैं। किताब के सह लेखक संदीप ने बताया कि इन घटनाओं के 05 दशकों के बाद इन सम्बन्धी जानकारी एकत्रित करना एक जटिल कार्य था।पैनलिस्ट ने बहुत ही दिलचस्प और हैरान कर देने वाले हालातों के विवरण दिए, जिनमें बांग्लादेशी नौजवान आज़ादी संग्रामियों को प्रशिक्षण दिया गया था। उन्होंने बताया कि नौजवान प्रशिक्षण प्राप्त फौजियों ने बड़े स्तर पर पाकिस्तानी समुद्री जहाज़ों का नुकसान किया था।गोष्ठी के दौरान किताब के पाठकों ने बताया कि यह किताब पढऩे से उनको एक नई जानकारी मिली है क्योंकि इससे पहले उनके पास भारतीय जल सेना के इस सफल ऑपरेशन संबंधी जानकारी नहीं थी।