श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने कहा, उनका देश किसी भी ऐसी गतिविधि में नहीं होगा शामिल, जिससे भारत की सुरक्षा को हो खतरा। भारत सरकार से की निवेश, शिक्षा और तकनीक के विकास में मदद करने की अपील की।श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे इस सप्ताह के अंत में भारत दौरे पर आने वाले हैं। एक साक्षात्कार में राजपक्षे ने कहा है कि उनका देश किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो। उन्होंने भारत सरकार से निवेश, शिक्षा और प्रौद्योगिकी के विकास में मदद करने का अनुरोध करते हुए कहा कि वे निवेश और मदद चाहते हैं लेकिन किसी सैन्य और भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में शामिल नहीं होना चाहते।उन्होंने भारत, सिंगापुर, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को अपने यहां निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। वहीं उन्होने महिंद्रा राजपक्षे सरकार की पिछले कुछ वर्षों में चीन के साथ भागीदारी को विशुद्ध रूप से वाणिज्यिक बतलाया जिसे भू-राजनीतिक विश्लेषकों ने स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स के हिस्से के रूप में दिखाने की कोशिश की। गोतबाया राजपक्षे ने श्रीलंका द्वारा चीन को हंबनटोटा बंदरगाह का नियंत्रण देने को एक गलती बताया।