पंजाब

खाद्य आपूर्ति दल द्वारा मुक्तसर में फर्जी बिलिंग की धोखाधड़ी का पर्दाफाश- आशु

मौके पर की गई जांच के दौरान तथाकथित खरीद के मुकाबले 9000 से अधिक बोरियां कम पाई गईं
चंडीगढ़ – पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री भारत भूषण आशु ने यह दावा करते हुए, कि स्थानीय बाजारों में राज्य से बाहर के धान की बिक्री पर रोक लगाने हेतु खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सतर्कता दल द्वारा कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है, ने बताया कि मुक्तसर के एक धान मिल परिसर में शुक्रवार को की गई औचक जांच के दौरान मिल मालिक द्वारा फर्जी बिलिंग की धोखाधड़ी सामने आई है।इस संबंधी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को मैसजऱ् आरके विशाल राईस एंड जनरल मिल्ज़, बरीवाला, जिला मुक्तसर पर अपना व्यापार गैरकानूनी ढंग से करने का शक था। धान मिल में छापेमारी करके मौके पर की गई जांच से पता चला कि मिल मालिक ने अपने रिकॉर्ड में स्थानीय मंडियों से की गई धान की खरीद को दिखाया है परंतु उसने वास्तव में ऐसा नहीं किया था। वास्तव में भंडार में 9000 से अधिक बोरियां कम पाई गईं जिनको कथित तौर पर स्थानीय मंडियों से खरीदा गया दिखाया गया था।रिकॉर्ड के अनुसार धान की 83303 बोरियां (प्रत्येक 37.5 कि.ग्रा.) जिसकी कुल मात्रा 3123 टन बनती है, को 23 नवंबर तक मिल में ही भंडारित करके रखा गया था। परंतु मौके पर मिल में केवल 2785 टन की 74281 बोरियां पाई गईं जिससे 9022 बोरियों (प्रत्येक 37.5 कि.ग्रा.) (338 टन) की कमी सामने आई।फर्जी बिलिंग के अलावा जांच अधिकारियों के दल को निरीक्षण के दौरान मिल में उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों की खाली बोरियां भी मिलीं। इससे यह तथ्य सामने आया कि मिल मालिक ने बाजार से फर्जी बिलिंग के द्वारा धान को अपने मिल में दिखाया है जो वास्तव में मिल में आया ही नहीं और मिल मालिक अपने धान के अपेक्षित भंडार को अन्य राज्यों से सस्ता धान खरीदकर पूरा कर रहा है।मंत्री ने बताया कि आगे की जांच जारी है और साथ ही कहा कि कस्टम मिलिंग पॉलिसी 2019-20 व अन्य लागू कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत मिल पर कर्रवाई करने की सिफारिश भी की गई है।

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