पंजाब

राज्य में धान की खरीद प्रक्रिया 30 नवंबर को होगी समाप्त-आशू

चंडीगढ़ – राज्य की मंडियों में धान की आमद घटने के मद्देनजऱ धान की खरीद की मियाद में तबदीली की गई है। यह जानकारी खाद्य और सिविल सप्लाई मंत्री श्री भारत भूषण आशु ने दी।इस सम्बन्धी विवरण देते हुए मंत्री ने कहा कि पहले खरीफ मार्किटिंग सीजन 2019-20 के दौरान धान की खरीद का समय 1 अक्तूबर से 15 दिसंबर, 2019 तक रखा गया था परन्तु अब इसमें तबदीली की गई है और धान की खरीद अब 30 नवंबर तक होगी। जब कि मिलिंग के समय में कोई तबदीली नहीं की गई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय ने इस संशोधन को मंज़ूरी दे दी है।उन्होंने आगे बताया कि मंडियों में धान की ज़्यादातर आमद हो चुकी है, इसलिए पिछले कुछ दिनों से राज्य की 1844 मंडियों में से 477 मंडियों में धान की बिल्कुल भी आमद नहीं हुई और कई मंडियों में नाम मात्र आमद हुई है। उन्होंने आगे बताया कि 19 नवंबर तक 160.91 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है जिसमें सरकार द्वारा 159.80 लाख मीट्रिक टन और निजी मिल मालिकों द्वारा 111128 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। 72 घंटों की लिफ्टिंग वाले नियम के अनुसार धान की 100 प्रतिशत लिफ्टिंग की जा चुकी है और सरकार द्वारा आड़तियों /किसानों के खातों में 26946.94 करोड़ रुपए की अदायगी की जा चुकी है।राज्य सरकार द्वारा मंडियों में से सारी फ़सल खरीदने की वचनबद्धता को दोहराते हुए खाद्य सप्लाई मंत्री ने किसानों से अपील की कि वह अपनी फ़सल 30 नवंबर तक मंडियों में लेकर आएं जिससे वह न्युनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) का लाभ ले सकें। उन्होंने आड़तियेां को भी अपील की कि वह अपने साथ जुड़े किसानों को खरीद समय में हुए संशोधन बारे जानकारी दें।जि़क्रयोग्य है कि 19 नवंबर तक पनग्रेन ने 6627321 टन, मार्कफैड ने 4090074 टन और पनसप ने 3279315 टन धान की खरीद की, जबकि पंजाब स्टेट वेयरहाऊसिंग कॉर्पोरेशन ने 1764817 मीट्रिक टन और एफ.सी.आई. ने 218492 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।

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