अमेरिका और उत्तर कोरिया पांच अक्टूबर को परमाणु हथियारों के मुद्दे पर फिर से बातचीत करने पर राजी हो गए हैं.इससे पहले, निरस्त्रीकरण के बदले में उत्तर कोरिया पर लगी पाबंदियों को हटाने को लेकर महीनों तक दोनों देशों में गतिरोध बना रहा था. गौरतलब है कि फरवरी में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वियतनाम के हनोई में शिखर वार्ता के बाद से ही परमाणु बातचीत पर गतिरोध बना हुआ था. शिखर वार्ता के बाद उत्तर कोरिया ने कम दूरी की मिसाइलों का परीक्षण किया था.इस बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन के कार्यालय ने वार्ता के एलान का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि फिर से शुरू हुई बातचीत से निरस्त्रीकरण और स्थिर शांति की दिशा में ‘ठोस प्रगति’ होगी.