चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शनिवार रात को फाजिल्का के डिप्टी कमिश्नर द्वारा कर्मचारियों के लिए ‘ड्रेस कोड’ लागू करने के किये आदेश रद्द कर दिए हैं।डिप्टी कमिश्नर मनप्रीत सिंह छतवाल, आई.ए.एस. ने कर्मचारी यूनियन की अपील पर लिखित आदेश जारी किये थे जिन्होंने दफ़्तरी स्टाफ के लिए रस्मिया पहनावा निर्धारित करने की माँग की थी क्योंकि उनको ग़ैर-रस्मिया पहनावा अनावश्यक प्रतीत होता है।अमरिन्दर सिंह ने डिप्टी कमिश्नर को आदेश दिए हैं कि यदि ज़रूरत है तो कर्मचारी यूनियन की माँग आगामी कार्यवाही के लिए राज्य सरकार को भेजी जाये। प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं को विचारने के बाद कोई फ़ैसला लिया जायेगा।डिप्टी कमिश्नर के आदेशों को पलटते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी दफ़्तर में इस ढंग से ड्रेस कोड लागू करना संभव नहीं लगता। उन्होंने कहा कि दफ़्तर में शिष्टाचार कायम रखने को यकीनी बनाने के लिए और रास्ते ढूँढे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास अपने कर्मचारियों के लिए कोई भी ड्रेस कोड नहीं है जिस कारण एक जि़ले के कर्मचारियों से कोई भी ड्रेस कोड अपनाने की आशा करना उपयुक्त नहीं। डिप्टी कमिश्नर के आदेशों के मुताबिक 29 जुलाई, 2019 से पुरुष कर्मचारी टी. शर्ट नहीं पहनेंगे और महिला कर्मचारियों को दुपट्टा लेना होगा। आदेशों के मुताबिक इस ड्रेस कोड का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है।