आखिरी दो दिन कला प्रेमियों और दर्शकों का उमड़ा जन समूह
चंडीगढ – पंजाब कला परिषद् चंडीगढ़ द्वारा लोक कलाओं की ख़ास कला ‘गुड्डियाँ पटोले’ की लगाई गई चार दिवसीय प्रदर्शनी का समापन समारोह कला भवन स्थित शोभा सिंह आर्ट गैलरी में हुआ। जीएचजी खालसा कॉलेज गुरूसर सुधार के सहायक प्रोफ़ैसर डा. दविन्दर कौर ढट्ट द्वारा बनाई गई विरासती कलाकृतियों की लगाई प्रदर्शनी के समापन समारोह के दौरान मुख्य मेहमान के तौर पर पहुँचे पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर श्री संजीव कुमार ने कहा कि वह यह विलक्षण प्रदर्शनी देखकर बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को विरासत के साथ जोडऩे का यह बड़ा प्रयास था।प्रदर्शनी के समापन के मौके पर विशेष मेहमान के तौर पर पहुँचे पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव श्री लखमीर राजपूत और पूर्व पुलिस कप्तान श्री भगवंत सिंह पंधेर ने कहा कि डा. दविन्दर कौर ढट्ट को संस्कृति और विरासत की झलक इन ख़ूबसूरत कलाकृतियों के द्वारा प्रकट करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘बारबी डौल्ज़’ के ज़माने में पुराने समय की गुड्डियाँ पटोलों की प्रदर्शनी एक अचंभा और तोहफ़ा था।प्रदर्शनी के कनवीनर डा. निर्मल जौढ़ा ने बताया कि चार दिवसीय प्रदर्शनी के दौरान बड़ी संख्या में बच्चों और विद्यार्थियों के अलावा कला प्रेमी पहुँचे। प्रदर्शनी के दौरान कन्या महाविद्यालय जालंधर की 60 के करीब छात्राएँ विशेष तौर पर मैडम बरुन कौर मान के नेतृत्व में पहुँची। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन पंजाब कला परिषद् के चेयरमैन पदम डा. सुरजीत पातर द्वारा किया गया था।प्रदर्शनी को देखने वालों में सूचना कमिश्नर श्री निधडक़ सिंह बराड़, परिषद् के सचिव जनरल डा. लखविन्दर जोहल और मीडिया कोऑर्डीनेटर श्री निन्दर घुग्यानवी, गीतकार और पेशकार शमशेर, कला परिषद् की पूर्व चेयरपर्सन श्रीमती हरजिन्दर कौर, डोली मलकीत, पंजाब संगीत नाटक अकादमी के सचिव प्रीतम सिंह रुपाल, सतनाम चाना, प्रिंसीपल सरबजीत कौर रानू, प्रिंसिपल सतविन्दर कौर, पंजाब यूनिवर्सिटी से प्रो. किरनदीप सिंह, सांस्कृतिक पंचायत पंजाब के चेयरमैन श्री जसमेर सिंह ढट्ट पंजाबी यूनिवर्सिटी से मैडम डेज़ी वालिया, प्रिंसिपल जस्टिस हरमिन्दर सिंह मैदान, कर्नल गुरमीत सिंह, यूके से हरविन्दर सैंबी, मिस वल्र्ड पंजाबी महिला गुरप्रीत कौर, गुरदीप धीमान, जगजीत सिंह यूके, डॉ. अमनदीप संधू, श्री जतिन्दर सिंह, एडवोकेट अमनदीप सिद्धू, फ्रांस से जूलियन मशीली, एहसास ऑर्गेनाइजेशन लुधियाना से संगीता भंडारी, भुट्टा कॉलेज से अमरजीत सिंह गरेवाल शामिल थे।