केरल में भारी वर्षा के चलते मलप्पुरम, वायनाड, कोझीकोड और कन्नूर में रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं असम और बिहार में नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ के हालात में सुधार देखने को मिल रहा है।देश के अनेक राज्यों में लगातार हो रही बारिश के थमने से नदियों के जल स्तर में कमी आयी है। बिहार और असम के अनेक जिलों में नदियों के जल स्तर में कमी आने से हालात में सुधार हुआ हुआ है। हालाकि केरल में भारी बारिश से कुछ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।आसमान से बरस रही आफत की बारिश अब मद्धिम पड़ गई। पानी जो पिछले कई दिनों से रौद्र रूप धारण किए हुआ था अब धीरे धीरे शांत हो रहा है। पानी जिसने जनजीवन को अस्त-वयस्त कर दिया था अब थोड़ा मेहरबान हुआ है। जिसका सीधा असर बेरोक-टोक दनदनाती बह रही नदियों पर पड़ा है। कई नदियां अब खतरे के निशान से नीचे पहुंच गई। नदियों का गिरता जलस्तर बाढ़ प्रभावित लोगों को लिए राहत ले कर आया है। असम और बिहार में बाढ़ की स्थिति में आंशिक सुधार देखा जा रहा है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाढ़ की स्थिति और वहां चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों पर खुद नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने रविवार को सीतामढ़ी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने साथ ही अधिकारियों के साथ राहत वितरण कार्यों की समीक्षा की। उधर मुजफ्फरपुर जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोइयों का संचालन किया जा रहा है। सामुदायिक रसोई ज़रिए बाढ़ प्रभावित ग्रामीण लोगों को भोजन मुहैया कराया जा रहा है। दवाओं का भी वितरण कार्य किया जा रहा है। दरभंगा जिले में एनडीआरएफ के जवानों द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।असम में बारिश थमने के बाद ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों में जलस्तर घटा है। इस बीच केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र शेखावत ने असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के साथ ही मानस नेशनल पार्क, पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य के विशाल क्षेत्र में बाढ़ के पानी के जल स्तर में कमी आयी है।