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जीएसटी परिषद की बैठक में व्यापारियों को राहत

जीएसटी परिषद की बैठक में वार्षिक रिटर्न फाइल करने की तारीख 31 अगस्त बढ़ी, जीएसटी नेटवर्क पर पंजीकरण के लिए कंपनियों को आधार के इस्तेमाल की अनुमति देने का भी हु्आ फैसला, बतौर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहली बार हुई जीएसटी परिषद की बैठक में शामिल।जीएसटी काउंसिल की ३५वीं बैठक में कारोबार और उपभोक्ताओं के हित में कई अहम फैसले लिए गए।अब आधार का इस्तेमाल करते हुए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। सालाना रिटर्न भरने की तारीख ३१ अगस्त २०१९ तक बढा दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की अगुवाई में हुई पहली बैठक में सभी फैसले आम सहमति से लिए गए। चूंकि ये बैठक देश की पहली पूर्णकालिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की अगुवाई में हुई। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के योगदान को पूरी जीएसटी परिषद ने एक सुर में सराहा। हमेशा की तरह इस बैठक में सभी फैसले आम सहमति से लिए गए। कारोबारियों की मदद के लिए इस बैठक में तीन बडे़ फैसले हुए। पहला ये कि जीएसटीएन पोर्टल पर अब आधार का इस्तेमाल करते हुए आसानी से पंजीकरण कराया जा सकता है। दूसरा, कारोबार जगत के नुमाइंदो की मांग के आधार इस साल के लिए सालाना रिटर्न भरने के लिए दो महीने ज्यादा यानी ३१ अगस्त २०१९ तक का समय दिया गया। तीसरा ये कि अब सभी कारोबारियों को जनवरी २०२० से एक ही जीएसटी फार्म भरना होगा। जीएसटी की चोरी रोकने के लिए बनी एंटी-प्राफिटियरिंग बॉडी का कार्यकाल २ साल के लिए बढा दिया गया। काउंसिल ने जीएसटी की चोरी करने वालों के खिलाफ काफी सख्त संदेश दिया है। ३० दिनों के भीतर आदेश का पालन नहीं करने वाली फर्मों को १० फीसदी का अतिरिक्त जुर्माना भरना होगा। ग्राहकों के हित में इस फैसले को काफी अहमियत दी जा रही है। टैक्स की चोरी रोकने के लिए ई- इन वॉयस सिस्टम को भी मंजूरी दी गई जो जनवरी २०२० तक पूरी कर से लागू होगी।मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों में पेपर टिकट को हटा कर अब ई -टिकट को जरूरी बना दिया गया है। इलेक्ट्रिक गाडियों, सोलर और विंड टरबाइन पर जीएसटी की दर घटाने के मुद्दे को फिटमेंट कमेटी को भेज दिया गया है। राज्यों में लॉटरी पर टैक्स के मुद्दे को भी कानूनी राय के लिए भेजा जाएगा।

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