उम्मीदवारों को विभागों की अलॉटमैंट अब मेरिट के आधार पर की जाएगी
चंडीगढ़ – पंजाब अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड ने सिस्टम की जटिलता को ख़त्म करके अपनी तरह की अलग पहलकदमी की है, जिसके अनुसार अब शॉर्टलिस्टड उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर विभागों की अलॉटमैंट की जायेगी।इस संबंधी जानकारी देते हुये चेयरमैन श्री रमन बहल ने बताया कि एस.एस.एस. बोर्ड राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए ग्रुप-सी के पदों की भर्ती के लिए परीक्षाओं का प्रबंध करता है। इससे पहले परीक्षा के बाद शॉर्टलिस्टड उम्मीदवारों को विभागों की अलॉटमैंट की कोई उचित योजना नहीं थी। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी और इसलिए शॉर्टलिस्टड उम्मीदवारों को अलॉटमैंट के प्रति संदेह रहता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह हमेशा निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट पर आधारित चयन में विश्वास रखते आए हैं। नौजवानों के प्रति उनकी चिंता और वचनबद्धता के मद्देनजऱ मुख्यमंत्री ने बोर्ड द्वारा शॉर्टलिस्टड उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर विभागों की अलॉटमैंट की माँग की।श्री बहल ने कहा कि जिस तरह सिविल सर्विसज़ परीक्षाओं में उम्मीदवारों को उनको अपनी इच्छा के अनुसार कैडर की अलॉटमैंट के लिए पूछा जाता है, उसी तरह एस.एस.एस.बोर्ड द्वारा लिखित परीक्षाओं के ज़रिये शॉर्टलिस्टड उम्मीदवारों को अब अपनी पसंद के विभाग के चयन का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि क्लर्कों और स्टेनो टाईपिस्टों के चयन के लिए क्रमवार 48 और 28 विभाग हैं। इन विभागों की सूची बोर्ड की वैबसाईट पर उपलब्ध है जिसमें से हरेक उम्मीदवार को 6 विकल्प चुनने की आज्ञा दी गई है। परीक्षा में पास होने के बाद उम्मीदवारों को उनके द्वारा दिये गये विकल्पों के अनुसार विभागों की अलॉटमैंट की जाती है और मेरिट लिस्ट में टॉप करने वाले उम्मीदवारों को सबसे पहले चयन करने का मौका दिया जाता है।इस प्रक्रिया संबंधी अतिरिक्त जानकारी देते हुये श्री बहल ने बताया कि एस.एस.एस. बोर्ड द्वारा 1883 क्लर्कों और 403 स्टेनो टाईपिस्टों की भर्ती के लिए परीक्षा ली गई है। क्लर्क के पदों के लिए काऊंसलिंग 10 जून से शुरू हो गई है। काऊंसलिंग के दौरान शॉर्टलिस्टड उम्मीदवारों को मेरिट लिस्ट के अनुसार 50 के बैच में एस.एस.एस. बोर्ड के कार्यालय में बुलाया जाता है। यहां उम्मीदवार अपनी पसंद के विभागों का जि़क्र करते हैं और खाली पदों के अनुसार उन्हें विभाग अलॉट कर दिए जाते हैं। अलॉटमैंट के बाद प्रतिदिन विभाग द्वारा खाली पड़े उपलब्ध पदों की सूची अपडेट की जाती है जिससे अगले बैच के उम्मीदवारों को उपलब्ध विकल्पों का पहले ही पता हो।चेयरमैन ने कहा कि इस नयी प्रणाली से न सिफऱ् मेरिट के आधार पर विभागों की अलॉटमैंट की जायेगी बल्कि इस कदम से इस प्रणाली की निष्पक्षता में भी नौजवानों का भरोसा बढ़ेगा। इसके साथ ही इससे मुकदमेबाज़ी भी घटेगी क्योंकि इसमें एस.एस.एस.बोर्ड अथॉरिटीज़ की कोई मजऱ्ी नहीं होगी और हरेक उम्मीदवार उसको दिए गए विभाग सम्बन्धी जानकारी होगी।चयन प्रक्रिया में अन्य संशोधनों संबंधी जानकारी देते हुये उन्होंने कहा कि क्लर्क के पदों के लिए रखे टाईपिंग टैस्ट का कम्प्यूटराईजड़ नतीजा टैस्ट मुकम्मल होने के तुरन्त बाद अब मौके पर ही उपलब्ध होता है, जिसमें टाईपिंग स्पीड और गलतियों की मुकम्मल जानकारी दी जाती है।बोर्ड के कामकाज संबंधी जानकारी सांझा करते हुये श्री अमरबीर सिद्धू, सचिव पंजाब एस.एस.एस.बोर्ड ने बताया कि इससे पहले बोर्ड के कर्मचारियों की अधिकांश ऊर्जा और समय शॉर्टलिस्टड उम्मीदवारों को विभागों की अलॉटमैंट सम्बन्धी आर.टी.आई. के सवालों और असंतुष्ट उम्मीदवारों द्वारा अदालतों में दायर मामलों के जवाब देने में व्यर्थ चला जाता था। परन्तु अब नयी प्रणाली में अलॉटमैंट प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। अब उम्मीदवार का नतीजा रोके रखने का कारण भी वैबसाईट पर प्रदर्शित किया जायेगा और उसको ऐतराज़ का जवाब देने और इसको हटाए जाने के लिए उपयुक्त समय दिया जायेगा। सिद्धू ने आगे कहा कि इस प्रक्रिया में संशोधन से गलतफ़हमी घट जायेगी और पंजाब अधीनस्थ सेवाएंं चयन बोर्ड के प्रदर्शन में और ज्य़ादा कुशलता आयेगी।