भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने पर्वतारोहियों के शवों को बाहर निकालने का बचाव अभियान स्थगित कर दिया गया है। भौगोलिक विषमताओं और भूस्खलन के चलते हवाई अभियान चलाने में आ रही दिक्कतों के चलते ऐसा फैसला लेना पड़ा। तलाशी अभियान के लिए अब नई रणनीति बनाई जाएगी।ये अपनी तरह का पहला साहसी बचाव अभियान था। 20 हज़ार फुट की ऊंचाई से शवों को निकालने के लिए आईटीबीपी, सेना और एसडीआरएफ का यह संयुक्त अभियान था। सुबह ऑपरेशन डेयरडेविल्स शुरू हुआ। सवेरे करीब पांच बजे चार आईटीबीपी के पर्वतारोही और वायु सेना के पांच जवान एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर में मुनस्यारी से रवाना हुए थे।लेकिन सीमित क्षमता की वजह से तीन प्रयासों के बाद वायुसेना का हेलीकॉप्टर पिथौरागढ़ बेस पर लौट गया। इससे पहले नन्दा देवी की चढ़ाई के लिए ही निकले ब्रिटेन के ही अन्य चार पर्वतारोहियों को 2 जून को बचाया गया था और उन्ही से मिली जानकारी के आधार पर हवाई तलाश के दौरान पांच शव देखे गए।आठ सदस्यों की टीम में ब्रिटेन के चार, अमेरिका के 2, ऑस्ट्रेलिया का एक और एक भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के अधिकारी भी शामिल हैं। ब्रिटेन के मशहूर पर्वतारोही मार्टिन मोरान के नेतृत्व में यह टीम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 7434 मीटर ऊंचे नंदा देवी पूर्वी चोटी पर लापता हो गई थी।वे 13 मई को चोटी पर चढ़ाई के लिए मुनस्यारी से रवाना हुए थे लेकिन 25 मई को नियत तारीख पर वह बेस कैंप नहीं लौटे थे।