कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति का जायज़ा, अफ़वाहों को रोकने के लिए अधिकारियों को कहा
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्य के उच्च अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान राज्य की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति का जायज़ा लिया परन्तु इस दौरान कथित खुफिय़ा रिपोर्टों की प्रामाणिकता पर शंका प्रकट किया जिसमें पंजाब में आई.एस.आई की तरफ से आतंकवाद को पुन: पैदा करने की कोशिश के तौर पर पूर्व सैनिक और पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाने की बात कही गई है।हालाँकि मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के उच्च पुलिस और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह राज्य में शान्ति और सद्भावना को बनाए रखने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाने को यकीनी बनाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ सहमति प्रकट की कि यह खुफिय़ा रिपोर्टें ज़मीनी हकीकतों से दूर और अनुचित लगती हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को ऐसी रिपोर्टों की पुष्टि और अफ़वाहों के फैलने को रोकने के लिए सभी संभव कदम उठाने के लिए कहा है क्योंकि यह लोगों में दहशत पैदा कर सकती हैं।हालाँकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर राज्य की शान्ति और कानून व्यवस्था को भंग करने की किसी को भी आज्ञा नहीं देगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को वह सभी हिफाज़ती कदम उठाने के लिए कहा है जो मौजूदा अवसर पर उठाए जाने की ज़रूरत है।पंजाब पुलिस द्वारा पाकिस्तान अधारित खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (के.एल.एफ) के सरगना हरमीत सिंह उर्फ ‘हैपी पी.एच.डी.’ द्वारा ब्लूस्टार ऑपरेशन की वर्षगाँठ के मौके पर राजासांसी जैसे हमले करने की साजिशें करने संबंधी कहे जाने से एक दिन बाद यह मीटिंग हुई है। यह प्रगटावा अमृतसर जि़ले की अजनाला सब-डिविजऩ के कुकरांवाला अड्डा से तस्कर किये पकड़े गए हैड ग्रनेडों के संदर्भ में किया गया था। खुफिय़ा जांच के बाद पुलिस ने कहा था कि यह विश्वास है कि राजासांसी में निरंकारी भवन पर ग्रेनेड से हमला करने वाला शक्की हैपी पी.एच.डी. पाकिस्तान से यह हैंड ग्रेनेड स्मगल किये जाने के पीछे है।इस घटना संबंधी पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्रेनेड और इनको स्मगल किये जाने वाले रास्तों सम्बन्धी अन्य विवरणों की विस्तृत जांच की जा रही है।मीटिंग में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, कार्यकारी डी.जी.पी वी.के. भावड़ा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एन.एस. कलसी उपस्थित थे।