राजनाथ सिंह ने जवानों से मुलाक़ात में उनका हालचाल जाना और तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया. बाद में उन्होंने ट्वीट किया, “मैंने आज फारवर्ड पोस्ट और सियाचिन बेस कैंप का दौरा किया, जो दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र माना जाता है. वहां सेवा कर रहे सेना के जवानों से बातचीत की. सियाचिन में हमारे सैनिक विषम परिस्थितियों में पूरे साहस और उत्साह के साथ देश की सेवा कर रहे हैं. उनके इस अटूट साहस और शक्ति को सलाम. मुझे सियाचिन में काम कर रहे सभी सेना के लोगों पर गर्व है जो मातृभूमि की रक्षा करने में कोई भी कसर नहीं बाकी छोड़ रहे हैं. मुझे उनके अभिभावकों पर भी गर्व है जिन्होंने अपने बच्चों को सेना में भर्ती कर देश सेवा के लिए भेजा है. मैंने उन्हें व्यक्तिगत तैर पर धन्यवाद भेजूंगा. 1,100 से अधिक सैनिकों से सियाचिन ग्लेशियर की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. देश उनकी सेवाओं और बलिदान के लिए हमेशा उनका ऋणी रहेगा.”गौरतलब है कि सियाचिन ग्लेशियर दुनिया के सबसे ऊंचे सैन्य क्षेत्रों में से है, जहां जवानों को शून्य से 60 डिग्री नीचे तापमान और तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है. कई बार हिमस्खलन और तेज हवाओं के चलते जवान हादसों का शिकार भी हो जाते हैं.रक्षा मंत्री ने इसके अलावा श्रीनगर के सैन्य मुख्यालय का भी दौरा किया और हालात की जानकारी ली.