अब तक ई -नक्शा पोर्टल पर 4000 बिल्डिंगों के प्लान हुए पास
चंडीगढ़ – ‘‘पंजाब की समूह स्थानीयनिकायों में इस समय ऑनलाइन नक्शे के पास करवाने का काम सफलतापूर्वक चल रहा है। ई -नक्शा पोर्टस पर अब तक 4000 के करीब बिल्डिंगों के नक्शे पास हो चुके हैं जबकि 8800 से अधिक फाइलें सफलतापूर्वक दाखि़ल हो चुकी हैं।’’ यह खुलासा स्थानीय निकाय मंत्री स. नवजोत सिंह सिद्धू ने आज यहाँ जारी प्रैस बयान में किया।स. सिद्धू ने कहा कि पोर्टल पर 1600 के करीब आर्कीटैक्ट और इंजीनियर रजिस्टर्ड हो चुके हैं और इस ऑनलाइन सिस्टम में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालाँकि ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओ.बी.पी.सी.) को शुरुआत में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा परन्तु अब इसके साथ जुड़े समूह पेशेवर व्यक्ति, आवेदक और यहाँ तक कि स्थानीय निकाय विभाग का स्टाफ पूरी तरह खुश और संतुष्ट है क्योंकि यह प्रणाली प्रचलित पुराने ढंग की अपेक्षा ज़्यादा कारगर है। इस प्रणाली को शुरू करने के बाद लोगों द्वाराप दिखाए उत्साह के कारण स्थानीय शहरी इकाईयों की आय में भी विस्तार हुआ है। इस प्रणाली से आवेदक के अलावा आर्कीटैक्ट का समय और शक्ति भी बची है। सैंकड़ो आवेदक अब अपनी सुविधा अनुसार घर /दफ़्तर बैठे इसका प्रयोग करके अपने समय की काफी बचत कर रहे हैं।ओ.बी.पी.सी. बारे और जानकारी देते हुए स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि इस सिस्टम से डिज़ाइन को स्कैन और रिपोर्ट तैयार करने में अधिक से अधिक दो दिन का समय लगता है। अगर रिपोर्ट सारी ठीक हो तो फाईल अपने आप मंज़ूरकर्ता अथॉरिटी के पास अलग-अलग पड़ावों में से गुजऱती हुई पहुँच जाती है और ई -नक्शा पास हो जाता है। उन्होंने आगे बताया कि औसतन रोज़मर्रा की 60 फाइलें इस सिस्टम के द्वारा पास होती हैं और स्टाफ को तय समय के अंदर मंज़ूर करने की दी सख़्त हिदायतों के कारण 2-3 हफ्ते के अंदर केस को मंज़ूरी मिल जाती है। उन्होंने कहा कि इस समय सिफऱ् 3 प्रतिशत फाइलें एक महीने से अधिक समय, 3 प्रतिशत 15 दिन से कम समय और 7 प्रतिशत सात दिनों से अधिक समय से पैंडिंग पड़ीं हैं।स. सिद्धू ने कहा कि इस सिस्टम को अपनाने से विभाग के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही आई है। एक बार आवेदक द्वारा पोर्टल पर अप्लाई करने के बाद वह अपनी फाईल का स्टेटस अपने मोबाइल पर एस.एम.एस. के द्वारा देख सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजैक्ट को सफल बनाने और कमियों को दूर करने के लिए हेल्प डैस्क तैयार किये गए, छह क्षेत्रों में नोडल अधिकारी तैनात किये गए और आर्कीटैक्टों को प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्होंने कहा कि विभाग का मकसद शहर वासियों को घर बैठे सुविधा देना है और शहरों /कस्बों में जायज निर्माण के लिए लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों और आर्कीटैक्टों की ऐसोसिएशनों को भी इसके साथ जोड़ा जा रहा है।स. सिद्धू ने बताया कि इस सिस्टम के लागू होने से उनके विभाग के टाऊन प्लानिंग विंग के स्टाफ को भी राहत मिली है क्योंकि अब उन पर किसी सिफारिशी केस को मंज़ूर करने का दबाव नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने की दिशा में ऑनलाइन सेवाएं सबसे कारगर विधि है और इस सिस्टम की सफलता के बाद इसको राज्य के अन्य विभाग भी अपनाने जा रहे हैं।इस प्रोजैक्ट बारे और जानकारी देते हुए स. सिद्धू ने बताया कि ओ.बी.पी.ऐस./ई -नक्शा की शुरुआत 15 अगस्त 2018 से की गई थी और इस सम्बन्धी ए.बी.एम. के साथ 6 जून 2018 को समझौता हुआ था। इस सिस्टम में रिहायशी, व्यापारिक और औद्योगिक तीनों क्षेत्र शामिल हैं।