ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने की इस्तीफ़े की घोषणा। यूरोपीय संघ से अलग होने वाले ब्रेक्ज़िट समझौते को संसद में नहीं दिला सकी मंज़ूरी। अब तक तीन बार ब्रिटेन की संसद ने समझौता विधेयक को किया नामंज़ूर.
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। वे अगले महीने की 7 जून को इस्तीफ़ा देंगी। इससे पहले पीएम थेरेसा ने मंगलवार को ब्रेग्जिट करार की नई रूपरेखा पेश की। इसमें यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने को लेकर उनके समझौते के पहलुओं पर नए आश्वासन शामिल किए गए। ब्रिटेन की संसद लगातार समझौते की रुपरेखा को नकारती रही है।ईयू से अलग होने को लेकर ब्रिटेन ने वर्ष 2016 में जनमत संग्रह पर मुहर लगाई थी। पिछले साल के अंत में कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों ने प्रधानमंत्री को विश्वास प्रस्ताव द्वारा बचा लिया था। ब्रेक्जिट समझौते के खारिज हो जाने और इंग्लैंड में हाल के स्थानीय चुनावों में कंजर्वेटिव के खराब परिणामों के बीच मे पर डाउनिंग स्ट्रीट को छोड़ने का दबाव बढ़ गया था। डाउनिंग स्ट्रीट में अपने संबोधन में कहा कि ब्रेक्सिट में क़ामयाब न हो पाने का उन्हें ‘गहरा दुख’ रहेगा.उधर आयरलैंड में शुक्रवार सुबह सात बजे मतदान प्रारंभ हो गया। यहां के चुनाव में मुख्य मुद्दा बेक्जिट संकट बना हुआ है। आयरलैंड की सीमाएं ब्रिटिश प्रशासित उत्तरी आयरलैंड से मिलती हैं और इसका असर यहां की राजनीति पर देखा जा सकता है. आयरलैंड की मुख्य धारा की पार्टियों ने यूरोपीय परियोजना में अपनी जगह मजबूत बनाने के लिए जमकर प्रचार किया है। शुक्रवार को चेक गणराज्य भी दो दिवसीय मतदान प्रकिया शुरू होगी।