देश के पूर्वी और उत्तर पूर्वी राज्यों में तूफान फोनी से मची तबाही के बाद ज़िंदगी वापस लौट रही है पटरी पर । बिजली और संचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित। हवाई सेवाएं हुई बहाल, रेल सेवाएं भी आज से होंगी शुरू।देश के पूर्वी और उत्तर पूर्वी राज्यों में चक्रवाती तूफान फोनी से मची तबाही के बाद अब ज़िंदगी वापस पटरी पर लौट रही है। इस तूफान में 16 लोगों की जान चली गई थी। लेकिन एजेंसियों का ज़ोर राहत कार्यों पर हैं, जो युद्ध स्तर पर जारी हैं मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य में तूफान के बाद के हालात जानने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया। इस वक्त राज्य के कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। भुवनेश्वर, कटक और पूरी में बिजली व्यवस्था अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। बाकी कई प्रभावित जिलों के इलाकों से भी फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। तूफान के बाद ndrf की कई टीमों से संपर्क अभी तक नहीं हो पाया है। फिलहाल यहां पीने के पानी की बड़ी समस्या है , जिसे ठीक करना पहली प्राथमिकता है। भारतीय नौसेना की पूर्वी कमान भीषण चक्रवाती तूफान-फोनी से तबाही के बाद ओडि़सा में व्यापक स्तर पर बचाव और पुनर्वास अभियान चला रही है। फिलहाल फोनी से प्रभावित ओडिशा और प. बंगाल में हवाई सेवा बहाल हो गई है। रेल सेवाएं भी आज से शुरू हो जाएंगी। लोगों की मदद के लिए भारतीय वायु सेना ने भुवनेश्वर के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्य में तीन सुपर हरक्युलिस विमान लगाए हैं। ये विमान तूफान से पीडि़त लोगों के लिए आपातकालीन सामग्री और दवाओं सहित पचास टन राहत सामग्री लेकर जाएंगे। पहला विमान कल रात भुवनेश्वर पहुंच गया। रेलवे और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने तूफान प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री के निशुल्क परिवहन की व्यवस्था की है। बिजली और दूरसंचार विभाग को ओडिसा सरकार की तुरन्त मदद करने को कहा गया है। किसी भी महामारी से बचाव के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर भेजे जा रहे हैं।