चक्रवाती तूफान फोनी लगातार भीषण स्तर तक पहुंच गया है. इसके शुक्रवार शाम तक ओडिशा तट से टकराने की संभावना है पर अगले 2-3 दिन तक तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और ऑडीशा के तटीय क्षेत्रों पर इसका ज़बरदस्त प्रभाव देखा जा सकता है..राष्ट्रीय आपदा मोचन बल , भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
साइक्लोन फोनी मंगलवार सुबह भीषण स्तर तक पहुँच गया, इसके अब अधिक विकराल रूप धारण कर ‘अत्यधिक गहन चक्रवाती तूफ़ान’ में परिवर्तित होने की संभावना है .एक मई शाम तक उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है और उसके बाद यह दोबारा घूम कर उत्तर-उत्तरपूर्वी दिशा में आगे बढ़ सकता है। तीन मई, शुक्रवार शाम तक तक इसके ओडिशा तट से टकराने की संभावना है। इसकी हवाओं की अधिकतम गति 170-180 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। आम तौर पर किसी चक्रवाती तूफान की गति 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा होती है जबकि हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ सकती है. ‘अत्यंत भयंकर चक्रवाती तूफान’ के मामले में, हवा की गति 170-180 किमी प्रति घंटे तक हो जाती है और यह 195 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक जा सकती है.फोनी तूफान की वजह से केरल में कई जगहों पर हल्की से लेकर मध्यम तो कुछ जगहों पर तेज बारिश और तमिलनाडु और दक्षिण तटीय आंध्रप्रदेश में भी कहीं कहीं बारिश हो सकती है पर उत्तर तटीय आंध्रप्रदेश में बृहस्पतिवार को अत्यधिक बारिश और दक्षिण तटीय ओडिशा में भारी से भारी बारिश हो सकती है। तटीय ओडिशा में कुछ जगहों पर ‘बहुत ही अधिक बारिश’ होने की आशंका व्यक्त की गई है। किसी भी विपदा से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और भारतीय तटरक्षक बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति के निर्देशों के मुताबिक चक्रवात तूफान फोनी से निपटने के लिए तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए 1086 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है आंध्र प्रदेश के लिए 200 करोड़ 25 लाख , ओडिशा को 340 करोड़ 87 लाख रूपए, तमिलनाडु को 309 करोड़ 37लाख रूपए और पश्चिम बंगाल को 235 करोड़ 50 लाख की एडवांस राशि जारी की गई है।