कृतज्ञ राष्ट्र जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों को याद कर रहा है, 100वीं बरसी के मौके पर राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति ने वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। वहीं राष्ट्रपति ने कहा एक भीषण नरसंहार, सभ्यता पर एक दाग और अमर वीर सपूतों को भारत कभी भूल नहीं सकता।जालियांवाला बाग नरसंहार भारतीय इतिहास का एक ऐसा काला पन्ना है जो अत्यातार,अन्याय और दमन की क्रूरतम तस्वीर की याद दिलाता है। साथ ही 13 अप्रैल भारतीय जनमानस की जिजीविषा और स्वतंत्रता के प्रति संकल्प और दृढ़ता को भी दिखाता है। जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 साल पूरे होने पर आज कृतज्ञ राष्ट्र बलिदान हुए अमर शहीदों को नमन कर रहा है। जलियांवाला बाग नरसंहार की 100वीं बरसी के मौके पर उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अमृतसर में जलियांवाला बाग स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उप-राष्ट्रपति ने उनके याद में सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया।अमृतसर के जलियांवालबाग मेमोरियल पर ब्रिटिश हाई कमिश्नर डोमिनिक एस्क्विथ ने आज शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विजिटर बुक में अपना संदेश भी लिखा। उन्होंने विजिटर बुक में लिखा, ‘100 साल पहले जलियांवाला बाग में गोलीकांड ब्रिटिश-भारतीय इतिहास में एक शर्मनाक कृत्य को दिखाता है। जो हुआ उसका हमें गहरा अफसोस है। मुझे इसकी खुशी है कि आज 21वीं सदी में ब्रिटेन और भारत एक साथ मिलकर विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।’