गोवा में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के कुल तीन में से दो विधायक
बीजेपी में शामिल हो गए हैं. तीन विधायकों वाली इस पार्टी के दो विधायकों
ने अपने हस्ताक्षर का पत्र स्पीकर माइकल लोबो को सौंपा. कहा ये जा रहा है
कि एमजीपी के कुल तीन में से दो विधायकों के अलग होने के कारण इस मामले में
अब दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई नहीं हो सकती.
गोवा में प्रमोद
सावंत के नेतृत्व में बीजेपी की अगुवाई वाली नई सरकार बनने के बाद राजनीतिक
घटनाक्रम तेजी से बदल रहा हैं. राज्य में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी
के तीन में से दो विधायकों ने बुधवार को एमजीपी विधायक दल का भाजपा में
विलय कर दिया. विधायक मनोहर अजगांवकर और दीपक पावस्कर ने गोवा विधानसभा के
कार्यवाहक अध्यक्ष माइकल लोबो को मंगलवार देर रात पौने एक बजे पत्र दिया,
जिसमें एमजीपी विधायक दल के बीजेपी में विलय की बात कही गई है. मुख्यमंत्री
का कहना है कि कि एमजीपी के दो विधायक सरकार को स्थिरता प्रदान करने के
लिए अपनी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं.
इस घटना के बाद
मुख्यमत्री सावंत ने उपमुख्यमंत्री सुदीन धवलीकर को कैबिनेट से हटा दिया.
धवलीकर एमजीपी के एक मात्र विधायक थे, जो पार्टी से अलग नहीं हुए थे. सावंत
ने गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा के नाम संबोधित पत्र में धवलीकर को
हटाए जाने की सूचना दी.
तीन में सें दो विधायकों ने विधायी शाखा का
विलय किया है. इसका अर्थ यह हुआ कि वे दल बदल विरोधी कानूनी के दायरे में
आने से बच गए हैं, क्योंकि इस कानून के तहत यह अनिवार्य है कि विलय के लिए
दो तिहाई सदस्यों की सहमति हो. इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद 40 सदस्यीय
विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या 12 से बढ़कर अब 14 हो गई है.