चंडीगढ़ – पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पुलिस सुधारों संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की तजऱ् पर पंजाब पुलिस के कानून एवं व्यवस्था विंग से अलग किये जांच विंग (इन्वेस्टिगेशन) काडर के लिए तैयार किये पदों के लिए डी.एस.पीज़. और एस.पीज़. की नियुक्ति कर दी है।मामलों की जाँच प्रभावशाली तरीके से यकीनी बनाने के लिए 8 फरवरी को तैयार किये डिप्टी सुपरडैंट ऑफ पुलिस के 108 पदों और सुपरडैंट ऑफ पुलिस के 28 पदों के लिए अधिकारियों के नाम शनिवार की रात को ही नोटीफाई कर दिए गए।डी.एस.पीज़. के पद तक तरक्की के लिए योग्य इंस्पेक्टरों की स्क्रीनिंग के लिए 22 फरवरी को विभागीय तरक्की कमेटी (डी.पी.सी.) की मीटिंग के उपरांत गत 5 मार्च को 163 इंस्पेक्टरों को डी.एस.पी. के पदों तक पदोन्नत किया गया। इसी तरह 28 दिसंबर, 2018 को स्क्रीनिंग के बाद विभागीय स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा 5 मार्च को और 57 डी.एस.पीज़ को सुपरडैंट ऑफ पुलिस (एस.पी.) के रूप में रखा गया।पंजाब जांच ब्यूरो और संगठित अपराध और नशीले पदार्थों की रोकथाम संबंधी विंगों का कामकाज देखने के लिए हरेक जि़ले और कमिशनर के क्षेत्र में एस.पीज़ को तैनात किया गया है। इसका उद्देश्य जांच, संगठित अपराध और सरकार की नशा विरोधी मुहिम पर ध्यान केंद्रित करने को यकीनी बनाना है।राज्य सरकार ने विशेष अपराध जांच जैसे मुख्य जुर्मों, जायदाद संबंधी अपराध, बच्चों और महिलाओं के विरुद्ध अपराध, विशेष जुर्म, वित्तीय अपराध, तकनीकी समर्थन और फोरेंसिक, नशीले पदार्थों के विरुद्ध, अपराधी ग्रुप और साईबर क्राइम एंड साईबर फोरेंसिक की निगरानी के लिए भी डी.एस.पीज़ को तैनात किया है। डी.एस.पीज़ को कमांड सैंटर और ऐमरजैंसी रिस्पांस व्यवस्था की कारगुजऱी पर निगरानी रखने के लिए भी तैनात किया गया है।
यह देश में पहली बार है कि गज़टिड अफसरों को हरेक जि़ले और पुलिस कमिशनरेट में विशेष तौर पर लगाया गया है और स्पैशलाईजड़ क्राइमज़ की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। यह नयापन पुलिस के तफ़तीशी, पड़ताल, अमन एवं कानून से उचित ढंग से पृथक्करण को यकीनी बनाऐगा और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के लागूकरन और जांच के मानक में सुधार करने में अहम साबित होगा।