पासपोर्ट और वीजे की शर्त ख़त्म करके संगतों को ‘खुले दर्शन दीदारे ’ की इजाज़त देने की मांग फिर दोहराई
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने करतारपुर गलियारे के विकास में तेज़ी लाने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के फ़ैसले का स्वागत किया परन्तु साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा से पार ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब को जाने वाली संगत के लिए पासपोर्ट और वीज़ा मुक्त ‘खुले दर्शन दीदारे ’ करने की इजाज़त देने की माँग को दोहराया हैं। मुख्यमंत्री ने गत देर रात ट्वीट करते हुये कहा, ‘‘श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों के लिए सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर गलियारे के निर्माण में तेज़ी लाने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के फ़ैसले का स्वागत करता हूं। इस प्रोजैक्ट के लिए मेरी सरकार की तरफ से मैं पूरा सहयोग करता हूँ।’’रविवार को यहाँ से जारी बयान में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गलियारे के निर्माण में तेज़ी लाना ही काफ़ी नहीं है बल्कि सीमा पार जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट और वीजे की शर्त ख़त्म करके ‘खुले दर्शन दीदारे ’ की सुविधा दिए जाने की भी ज़रूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पासपोर्ट और वीजे की शर्त से बिना पासपोर्ट वाले हज़ारों श्रद्धालू ख़ासकर पंजाब के ग्रामीण क्षेत्र में रहते लोग पहले गुरू श्री गुरु नानक देव जी के महान जीवन से सम्बन्धित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पासपोर्ट की शर्त ख़त्म करके और श्रद्धालुओं की शिनाख़्त की तस्दीक के लिए पासपोर्ट की बजाय अन्य दस्तावेज़ों का प्रयोग करके बिना पासपोर्ट वाले श्रद्धालुओं के लिए गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने के लिए जाने की सुविधा आसानी से ही देसकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पातशाह ने सर्वव्यापकता का संदेश दिया जिस कारण उनके जीवन से सम्बन्धित गुरुद्वारा साहिब में अरदास करने के लिए उनके सभी श्रद्धालुओं को इजाज़त दी जाये। इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार को उनकी विनती मंजूर करने की अपील करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं को सिफऱ् इस कारणसे वंचित नहीं रखना चाहिए कि उनके पास पासपोर्ट नहीं हैं।