ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में मेन्स सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल
में भारतीय शटलर किदांबी श्रीकांत के हारने के बाद टूर्नामेंट में भारतीय
चुनौती खत्म हो गई। इसके साथ ही इस टूर्नामेंट में भारत का पिछले 18 साल
में एक खिताब जीतने का सपना टूट गया। पिछले 18 साल से कोई भी भारतीय इस
टू्र्नामेंट में खिताब नहीं जीत पाया। अंतिम बार 2001 में पुलेला गोपीचंद
ने मेन्स सिंगल्स का खिताब जीता था।
मोमोटा के खिलाफ लगातार 8वीं
बार हारे श्रीकांत। क्वार्टर फाइनल में किदांबी के सामने वर्ल्ड नंबर-1
जापान के केंटो मोमोटा की चुनौती थी, लेकिन वे इससे पार नहीं पा पाए।
मोमोटा ने किदांबी को 21-12, 21-16 से हराया। किदांबी की मोमोटा के खिलाफ
यह लगातार आठवीं हार थी। दोनों अब तक 14 बार कोर्ट पर एक दूसरे के
आमने-सामने हुए हैं। इनमें से मोमोटा 11 बार जीतने में सफल रहे हैं।
किदांबी
ने आखिरी बार मोमोटा को 26 मार्च 2015 को इंडिया ओपन में 21-12, 15-21,
21-15 से हराया था। उसके बाद से दोनों के बीच आठ मैच हुए। मोमोटा सभी को
जीतने में सफल रहे।
श्रीकांत ने पिछले सत्र में एक भी खिताब नहीं जीत
पाए थे। हालांकि, 2017 में उन्होंने चार अहम खिताब जीते थे। वे नवंबर 2017
में नंबर-2 की रैंकिंग तक भी पहुंचे थे।
टूर्नामेंट में पिछली साल की
सेमीफाइनलिस्ट पीवी सिंधु इस बार पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा था।
मेन्स सिंगल्स में बी साई प्रणीत दूसरे दौर में हार गए थे।
प्रणीत का
पहले दौर में हमवतन एचएस प्रणय से मुकाबला था। ऐसे में दोनों में से किसी
एक को ही दूसरे दौर में पहुंचना था। डबल्स मुकाबलों में सभी भारतीय जोड़ियां
पहले ही दौर में बाहर हो गईं थीं।