पंजाब

अकालियों ने अपने कुशासन दौरान गुरू घरों की संभाल तक नहीं की -कैप्टन अमरिन्दर सिंह

श्री गुरू गोबिन्द सिंह सकिल्लज़ इंस्टीट्यूट का नींव पत्थर रखा
श्री चमकौर साहिब – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अकालियों पर बरसते हुए कहा कि इन्होंने अपने 10 साल के कुशासन के दौरान गुरू घर की संभाल तक नहीं की। इस अवसर पर उन्होंने श्री चमकौर साहिब को म्यूंसिपल कमेटी का दर्जा देने की सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए इलाके के लिए कई विकास प्रोजैक्टों का ऐलान किया।मुख्यमंत्री ने श्री गुरु गोबिन्द सिंह सकिल्लज़ इंस्टीट्यूट का नींव पत्थर भी रखा। यह इंस्टीट्यूट इन्दर कुमार गुजराल टैकनिकल यूनिवर्सिटी का कांस्टीटूऐंट कॉलेज है। यह प्रोजैक्ट पवित्र शहर श्री चमकौर साहिब के बुनियादी ढांचे को मज़बूत बनाने के लिए सरकार की बनायी हुई योजना का हिस्सा है।मुख्यमंत्री ने बड़े साहिबज़ादे बाबा अजीत सिंह जी और बाबा जुझार सिंह जी के नाम पर शहर में दो गेट बनाने का भी ऐलान किया।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उनकी सरकार द्वारा श्री मुक्तसर साहिब में 40 मुकत्यों की यादगार और फतेहगढ़ साहिब में चार गेट बनाए जाने को याद करते हुए कहा कि अकालियों ने अपने एक दशक के बुरे शासनकाल के दौरान समाज के किसी भी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि अकालियों ने तो राज्य के अर्थचारे का भी भठ्ठा बिठा कर रख दिया।मुख्यमंत्री ने 15.11 करोड़ की लागत वाले दो और विकास प्रोजैक्टों की शुरुआत करवाई जिनमें 11.50 करोड़ रुपए की लागत से सौन्दर्यीकरण और बाहरी रूप संवारने का प्रोजैक्ट और 3.61 करोड़ रुपए की लागत से श्री गुरु गोबिन्द सिंह मार्ग को मज़बूत बनाने और अपग्रेड करने का प्रोजैक्ट शामिल है।मुख्यमंत्री जो इससे पहले श्री चमकौर साहिब में नतमस्तक हुए, ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब के आस-पास सडक़ों और पार्किंग की कमी का मामला उनके ध्यान में लाया गया। इस मौके पर उन्होंने गलियारा स्कीम के लिए पहले ही प्रवानित किये गए 11 करोड़ रुपए के अलावा चार करोड़ रुपए और देने का ऐलान किया।नौजवानों को रोजग़ार के समर्थ बनाने के लिए हुनरमंद बनाने की अहमीयत को बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इंस्टीट्यूट द्वारा नौजवानों के शैक्षिक पृष्ठभूमि को आधार बनाए बिना उनको अपेक्षित हुनर दिया जायेगा। इस इंस्टीट्यूट पर 500 करोड़ रुपए की लागत आयेगी जिसमें से 100 करोड़ रुपए निर्माण कामों पर जबकि बाकी रकम मशीनरी, साजो-सामान, फर्नीचर और अन्य बुनियादी ढांचे पर खर्च की जायेगी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग इसकी रूप-रेखा को अंतिम रूप देगा और निर्माण को पड़ाववार मुकम्मल किया जायेगा।राज्य में उद्योग के पुनर्जीवन का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक ईकाइयों को ऐसे हुनरमंद लोगों की ज़रूरत है जो अपने हाथों से काम कर सकते हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि नये कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों की स्थापना में पैसे की कमी नहीं आने दी जायेगी। हुनर प्रशिक्षण की महत्ता का जि़क्र करते हुए उन्होंने कहा प्रस्तावित पंजाब स्किल यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण और सर्टीफिकेशन मुहैया करवाएगी।एक दिन में 1000 नौजवानों को नौकरियाँ देने के निश्चित लक्ष्य को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि घर-घर रोजग़ार और कारोबार मिशन के अंतर्गत बीते दिन ही 808 नौजवानों को सरकारी, प्राईवेट और स्व-रोजग़ार स्कीमों के अंतर्गत रोजग़ार मुहैया हुआ है। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान साल 2006 में राज्य में संपर्क सडक़ों की पिछली बार की मुरम्मत का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सडक़ों की मुरम्मत के लिए पहले ही 32000 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और इस साल 30000 करोड़ रुपए और खर्च किए जाएंगे। अन्य प्रोजैक्टों की विस्तृत जानकारी देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि ‘स्वदेश दर्शन स्कीम ’ अधीन 11.50 करोड़ रुपए की लागत से यहाँ का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा। इसमें मोरिंडा-बेला सडक़ और सन्दौन सडक़ को जोड़ते चौक का सौन्दर्यीकरण भी शामिल है। इसके अलावा 5 करोड़ की लागत से प्राथमिक सूविधाओं से पार्किंग, 5 करोड़ रुपए की लागत से गुरुद्वारा श्री कतलगढ़ साहिब के सामने मार्केट और क्षेत्र के विकास और 1.20 करोड़ रुपए की लागत से गुरुद्वारा श्री गड़ी साहिब में पार्किंग और इस स्थान का विकास करना शामिल है। उन्होंने 3.61 करोड़ रुपए की लागत से श्री गुरु गोबिन्द सिंह मार्ग (सैक्शन-गाँव सिंह से श्री चमकौर साहिब) का स्तर ऊँचा उठाने और मज़बूत बनाने के लिए भी नींव पत्थर रखा जिसका काम 8 महीनों में मुकम्मल हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार 14 करोड़ रुपए की लागत से थीम पार्क मुकम्मल करेगी। उन्होंने कहा कि यह पार्क उनके द्वारा ही साल 2006 में शुरू किया गया था परन्तु अकाली सरकार ने इसको बंद करवा दिया था। इससे पहले तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने श्री चमकौर साहिब की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता पर रौशनी डाली। उन्होंने कहा कि अपनी पिछली सरकार के दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने यहाँ के विकास को बड़ा प्रोत्साहन दिया है और इसको सब-डिविजऩ बनाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस क्षेत्र में बूंद सिंचाई प्रोजैक्ट शुरू करने के लिए अपील की। इस मौके पर जलसे को संबोधित करते हुए पी.डब्ल्यू.डी मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि श्री चमकौर साहिब के लिए आज का दिन बहुत ही ऐतिहासिक है क्योंकि आज यहाँ के विकास कामों के लिए अनेकों योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि 55 करोड़ रुपए की लागत से श्री चमकौर साहिब में 400 कि.मी सडक़ें बनाईं जा रही हैं और इनकी मुरम्मत की जा रही है। स्थानीयनिकाय संबंधी मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस सरकार इस क्षेत्र के सर्वपक्षीय विकास के लिए वचनबद्ध है और इसके अलावा इस क्षेत्र में सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। विकास कामों में रुकावट डालने की कोशिश करने के लिए अकालियों की तीखी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चमकौर साहिब के लिए 20 करोड़, फतेहगड़ साहिब के लिए 20 करोड़ और श्री आनन्दपुर साहिब के लिए 32 करोड़ रुपए के फंड केंद्र से लाए हैं। इस मौके पर अन्यों के अलावा मुख्यमंत्री के मीडिया रवीन ठुकराल, विधायक दर्शन लाल मंगूपूर और गुरप्रीत सिंह जी.पी., प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा डी.के. तिवाड़ी, प्रमुख सचिव प्रयटन एवं सांस्कृतिक मामले विकास प्रताप, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गुरकिरत कृपाल सिंह और डिप्टी कमिश्नर सुमित जारंगल उपस्थित थे।

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