650 केस दर्ज; 65 लाख का जुर्माना वसूला
चंडीगढ़ –
स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी विंग ने त्योहारों का मौसम बीतने के बावजूद
मिलावटखोरों के खि़लाफ़ कार्यवाही जारी रखी हुई है। मिशन ‘तंदुरुस्त पंजाब’
अधीन ‘कमिशनरेट फूड एंड ड्रग ऐडमनिस्ट्रेशन पंजाब’ ने पिछले तीन महीनों
में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए तीन हज़ार स्थानों पर छापे मारे। खाद्य
वस्तुओं में मिलावट करने वालों के खि़लाफ़ विभाग ने सम्बन्धित अदालतों में
650 केस दर्ज किये हैं। कुछ केस चीफ़ जुडिशियल मैजिस्ट्रेट की अदालत में भी
चल रहे हैं। इन मामलों में खाद्य वस्तुएँ असुरक्षित पाई गर्इं।नवंबर महीने
से जनवरी महीने के अंत तक के समय के दौरान की गई कार्यवाही में तकरीबन 600
मिलावटखोर कारोबारियों से 65 लाख रुपए का जुर्माना वसूल किया गया। इस
दौरान लोगों को खाद्य वस्तुओं में मिलावटखोरी के विरुद्ध जागरूक करने के
लिए 270 जागरूकता कैंप लगाए गए। इसके अलावा विभाग ने दो खाद्य सुरक्षा
वैनें चलाईं हैं जिन्होंने खपतकारों से खाद्य वस्तुओं के 2400 नमूने लिए और
घटिया दर्जे के 2700 किलो दूध और दूध उत्पाद और 315 किलो फल पकड़े गए।‘फूड
एंड ड्रग ऐडमनिस्ट्रेशन पंजाब’ के कमिशनर और मिशन ‘तंदुरुस्त पंजाब’ के
मिशन डायरैक्टर स. काहन सिंह पन्नू ने घटिया दर्जे की खाद्य वस्तुएँ बेचने
वालों को कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि खाद्य वस्तुओं
में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खि़लाफ़ छापेमारी जारी रहेगी और विभाग
सम्बन्धित अदालतों से अपील करेगा कि वे ऐसे दोषियों को भारी जुर्माना
करें।