आतंकवाद के मसले पर दुनिया भर में भारत का समर्थन जारी , अमेरिका ने
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ बहुपक्षीय प्रयासों पर दिया जोर ,
पाकिस्तान से फिर कहा , अपने देश में आतंकवादियों की पनाहगाह को नष्ट करके
पूरा करे वादा
भारत के कूटनीति प्रयासों से पाकिस्तान ने सिर्फ
अलग-थलग पड़ता जा रहा है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेने के लिए भी उस
पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान से कहा कि वह
आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे। अमेरिका ने दुनिया से अपील भी की है कि
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पर पाबंदी के लिए सब मिलकर काम करे। इससे पहले
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को
फोन करके आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत के प्रति एकजुटता जताई।
आतंकवाद
के खिलाफ भारत की मुहिम लगातार रंग ला रही है और दुनिया भी भारत के रुख
से सहमत दिख रही है। तमाम देश बार बार और खुलकर भारत का समर्थन कर रहे हैं
और पाक को आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की नसीहत दे रहे हैं।अमेरिका ने
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ बहुपक्षीय
प्रयासों को तेज़ करने और इस संगठन को प्रतिबंधित करने का आह्वान किया है।
आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की तरफ से समन्वयक नाथन सेल्स ने दुनिया के
बाकी देशों से भी अपील की कि वो भी अमेरिका की ही तरह आतंकवादियों के खिलाफ
कार्रवाई करें।
इससे पहले अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने
पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक
आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में एक नया प्रस्ताव पेश किया
था। पंद्रह सदस्यीय सुरक्षा परिषद में वीटो के अधिकार वाले तीन देशों ने
बुधवार को यह नया प्रस्ताव पेश किया। तीन देशों की ओर से पेश इस नए
प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति को 10 कामकाजी दिन में विचार
करना होगा।सभी नजरें चीन पर होंगी कि वो इस पर क्या रुख अपनाता है। उधर
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने पाकिस्तान से फिर कहा है कि वो
आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे। प्रवक्ता ने कहा, ”हम पाकिस्तान से
फिर अपील करते हैं कि वह अपने देश में आतंकवादियों की पनाहगाह को नष्ट करके
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा
करे।”
उधर तमाम और देश भी भारत के समर्थन में लगातार बयान दे रहे
हैं। गुरुवार देर शाम रुसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी को फोन करके पुलवामा आतंकवादी हमले पर दुख जताया और आतंकवाद
के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त की। प्रधानमंत्री
कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पीएम मोदी ने सीमापार से
आतंकवादी हमलों से अपने हितों की रक्षा के लिए भारत के प्रयासों के प्रति
समर्थन जताने के लिए पुतिन को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने टेलीफोन पर
हुई इस बातचीत के दौरान आतंकवाद से निपटने में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत
करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहरायी।
कुल मिलाकर दुनिया के तमाम देशों ने पाकिस्तान पर दबाव बढा दिया है और पाकिस्तान लगातार अलग थलग पडता जा रहा है ।