पंजाब

पंजाब विधानसभा द्वारा जलियांवाला बाग़ की शौर्यगाथा के लिए यूके से माफी मंगवाने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए प्रस्ताव पारित

चंडीगढ – जलियांवाला बाग़ की ख़ूनी शौर्यगाथा के शताब्दी वर्ष के दौरान इसके शहीदों को उपयुक्त श्रद्धाँजलि भेंट करने के लिए आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में सदन ने ब्रिटिश सरकार से माफी मंगवाने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए सर्वसम्मती से प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव संसदीय मामलों के मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने पेश किया, जिसको सदस्यों ने मौखिक वोटों के साथ सर्वसम्मती से पारित कर दिया। प्रस्ताव पेश करते हुए ब्रह्म मोहिन्दा ने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्य के रौलेट एक्ट के खि़लाफ़ 13 अप्रैल, 1919 को वैसाखी वाले दिन जलियांवाला बाग़ में एकत्रित हुए बेकसूर लोगों पर साजिश के अंतर्गत यह कायरतापूर्ण हमला किया गया था। मंत्री ने कहा कि हालाँकि तब ही ब्रिटिश साम्राज्य को इस ग़ैर जि़म्मेदाराना कार्यवाही की गंभीरता का पता लग गया था, जिसका सबूत जनरल डायर की बिर्टिश फ़ौज में से समय से पहले सेवामुक्ति थी। उन्होंने बताया कि नोबेल पुरुस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ टैगोर ने इसके विरोध में नाईटहुड्ड का खि़ताब वापस कर दिया था। स्पीकर को इस प्रस्ताव को सदन में मौखिक मत के द्वारा पेश करने के लिए आग्रह करते हुए श्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने कहा कि भारत के निवासियों और विदेशों में बसते भारतीय भाईचारे के ज़ख्मों पर मरहम लगाने के लिए इन तथ्यों की रौशनी में भारत के लिए माफी के लिए बिर्टिश सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह उपयुक्त समय है।  

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

fourteen − 5 =

Most Popular

To Top